यमुना प्राधिकरण और मेडिकल एक्सीलेंस जापान के बीच बड़ा समझौता, मेडिकल डिवाइस सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा
ग्रेटर नोएडा, 6 मई। उत्तर प्रदेश सरकार ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के माध्यम से जापान की प्रमुख संस्था मेडिकल एक्सीलेंस जापान (MEJ) के साथ चिकित्सा उपकरण क्षेत्र में सहयोग को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री में निवेश, तकनीकी सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देना है।
समझौते के तहत दोनों पक्ष अनुसंधान एवं विकास (R&D), तकनीकी हस्तांतरण और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने के लिए मिलकर काम करेंगे। YEIDA जहां निवेशकों को भूमि, अवसंरचना और नीतिगत सहयोग उपलब्ध कराएगा, वहीं MEJ जापानी कंपनियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ तकनीकी विशेषज्ञता और ज्ञान साझा करेगा।
इस साझेदारी के जरिए मेडिकल डिवाइस पार्क को अंतरराष्ट्रीय निवेश गंतव्य के रूप में विकसित करने की योजना है। साथ ही, संयुक्त शोध परियोजनाएं, प्रयोगशालाओं की स्थापना और इनोवेशन कार्यक्रमों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
निवेश आकर्षित करने के लिए सेमिनार, कार्यशालाएं और व्यापार मिशन आयोजित किए जाएंगे, जबकि स्टार्टअप्स के लिए इनक्यूबेशन, फंडिंग और मेंटरशिप की व्यवस्था की जाएगी। भारतीय और जापानी कंपनियों के बीच तकनीकी समझौते भी इस पहल का हिस्सा होंगे।
MoU के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक संयुक्त कार्य समूह (JWG) का गठन किया जाएगा, जो 30 दिनों के भीतर बनकर 60 दिनों में कार्ययोजना प्रस्तुत करेगा। इसके अलावा, गोपनीय सूचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और यह प्रावधान समझौते की समाप्ति के बाद भी पांच वर्षों तक लागू रहेगा।
यह समझौता 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगा, जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकता है।
इस अवसर पर प्राधिकरण के सीईओ आर.के सिंह, एसीईओ शैलेंद्र भाटिया तथा जापान का प्रतिनिधि मंडल भी उपस्थित रहा।
माना जा रहा है कि इस पहल से उत्तर प्रदेश में मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग को नई गति मिलेगी और राज्य वैश्विक स्वास्थ्य निवेश का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
