फोर्टिस हॉस्पिटल में 80 वर्षीय मरीज का जटिल हार्ट वाल्व इलाज सफल
ग्रेटर नोएडा, 6 मई। फोर्टिस हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा के डॉक्टरों ने 80 वर्षीय एक बुजुर्ग मरीज का अत्यंत जटिल हार्ट वाल्व उपचार सफलतापूर्वक कर नई मिसाल पेश की है। मरीज गंभीर एओर्टिक स्टेनोसिस और रक्तधमनियों में अत्यधिक कैल्शियम जमाव (कैल्सिफिकेशन) से पीड़ित थे, जिसके चलते उनके हृदय में रक्त प्रवाह बुरी तरह प्रभावित हो रहा था और जान का खतरा बना हुआ था।
डॉक्टरों की टीम ने पारंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी के बजाय आधुनिक ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व रिप्लेसमेंट (TAVR) तकनीक का इस्तेमाल करते हुए बिना बड़ी सर्जरी के नया वाल्व सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया। यह प्रक्रिया करीब एक घंटे में पूरी हुई और इसे ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की शुरुआती जटिल टीएवीआर प्रक्रियाओं में माना जा रहा है।
मरीज पहले से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, थायरॉयड और फेफड़ों की बीमारी (सीओपीडी) जैसी कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। हाल के दिनों में उन्हें सीने में दर्द और सांस लेने में दिक्कत बढ़ गई थी, जिससे उनकी दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही थीं।
जांच में सामने आया कि उनका एओर्टिक वाल्व काफी संकुचित हो चुका था, जिससे हृदय से रक्त का प्रवाह सीमित हो गया था। उम्र और जटिल स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए ओपन सर्जरी जोखिम भरी थी, इसलिए डॉक्टरों ने न्यूनतम इनवेसिव टीएवीआर तकनीक अपनाई।
कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. शांतनु सिंघल और सीवीटीएस सर्जन डॉ. धीरज शर्मा के नेतृत्व में टीम ने सावधानीपूर्वक योजना बनाकर इस जटिल प्रक्रिया को अंजाम दिया। उपचार के बाद मरीज की स्थिति तेजी से सुधरी और मात्र दो दिन में उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, उन्नत वाल्व तकनीक के उपयोग से ऐसे जटिल मामलों का इलाज अब स्थानीय स्तर पर संभव हो रहा है, जिससे मरीजों को बड़ी सर्जरी और लंबी रिकवरी से राहत मिल रही है।
