उत्तर प्रदेश में चमड़ा और फुटवियर उद्योग को मिलेगी रफ्तार, जल्द लागू होगी नई पॉलिसी
लखनऊ, 24 अप्रैल।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश को “वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी” बनाने की दिशा में एक और अहम कदम उठाने जा रही है। जल्द ही “उत्तर प्रदेश लेदर व फुटवियर पॉलिसी-2025” लागू की जाएगी, जिसका मसौदा तैयार हो चुका है। इस पॉलिसी का मकसद राज्य में लेदर और फुटवियर उद्योग को बढ़ावा देना, निवेश आकर्षित करना और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करना है।
हर 1 करोड़ के निवेश से मिलेंगे 20 रोजगार
नई पॉलिसी के तहत 1 करोड़ रुपये के निवेश पर 20 लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। मेगा यूनिट्स से लेकर छोटे क्लस्टर्स तक में निवेश के जरिए 1,000 से 3,000 तक रोजगार के अवसर बनेंगे।
इंडस्ट्रियल पार्क को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन
25 से 100 एकड़ में इंडस्ट्रियल पार्क बनाने वालों को 45 करोड़ तक की सब्सिडी और 100% स्टांप ड्यूटी में छूट मिलेगी। वहीं, 100 एकड़ से बड़े पार्कों के लिए 80 करोड़ तक की सहायता मिलेगी। पार्क का निर्माण 5 साल में पूरा करना अनिवार्य होगा।
उत्तर प्रदेश का 46% योगदान लेदर एक्सपोर्ट में
प्रदेश देश के कुल लेदर निर्यात में 46% हिस्सेदारी रखता है। कानपुर, आगरा और उन्नाव इसके प्रमुख केंद्र हैं। आगरा को फुटवियर कैपिटल और कानपुर को लेदर गारमेंट्स व सेफ्टी फुटवियर हब के तौर पर जाना जाता है।
यह नई नीति प्रदेश को ‘उद्यम प्रदेश’ बनाने और युवाओं के लिए नौकरियों के नए रास्ते खोलने में बड़ी भूमिका निभाएगी।
