यमुना प्राधिकरण ने ऐसे दी आवंटियों को बड़ी राहत, पढ़े
ग्रेटर नोएडा : यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण ने अपने बोर्ड में योजना के आवंटियों को बड़ी राहत देने का एलान किया है । प्राधिकरण ने वर्ष 2009 की भूखंड आवासीय योजना के आवंटियों की ब्याज दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 10.65 करने का फैसला लिया है। आवंटियों पर अब किस्त का बोझ घट गया है। मूल किस्त की 75 प्रतिशत धनराशि जमा कर चुके।
आवंटियों को डिफाल्टर धनराशि पर ब्याज से छूट दी गई है। लेकिन आवंटियों को छूटी हुई किस्तों का एक मुश्त पेमेंट सितम्बर तक करना होगा। एक और बड़ी राहत देते हुए यमुना प्राधिकरण ने योजना के आवंटियों से सीवर, बिजली, ड्रेन आदि के शुल्क से नहीं लेने का फैसला लिया है ।
यमुना प्राधिकरण ने 2009 में 21 हजार आवासीय भूखंड की योजना निकाली थी। प्राधिकरण को आवंटियों को 2013 में भूखंड पर पजेशन देना था। जमीन का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन होने के कारण प्राधिकरण आवंटियों को कब्जा नहीं दे सका है । प्राधिकरण के चेयरमैन डा. प्रभात कुमार, सीईओ डा. अरुणवीर सिंह ने बताया कि बैंकों में ब्याज दरों में कमी का फायदा आवंटियों को देते हुए प्राधिकरण ने मूल किस्तों पर वसूली जा रही ब्याज दर को 12 फीसद से घटाकर 10.65 फीसद कर दिया है। इसका सीधा असर छमाही किस्तों पर पड़ेगा। प्राधिकरण आवंटियों से छमाही किस्त के रूप में धनराशि वसूलता है। ब्याज दर कम होने से किस्तों की धनराशि में कमी होगी।
इसके साथ ही भूखंड की 75 फीसद धनराशि जमा करने के बाद डिफाल्टर हुए आवंटियों को भी प्राधिकरण ने खुश कर दिया है। दंडात्मक ब्याज बगैर आवंटी इन किस्तों को जमा कर सकेंगे। लेकिन यह फायदा उन आवंटियों को ही होगा, जो बकाया किस्तों का एक मुश्त भुगतान करने को तैयार होंगे। लीज डीड कराते समय आवंटियों को सीवर, पानी, रैंप, टेलीफोन, ड्रेन, इलेक्ट्रिक पाइप चार्ज के भुगतान से पूरी तरह मुक्त कर दिया है। इससे आवंटियों को सत्तर से डेढ़ लाख रुपये का फायदा होगा।
