1008 कन्याओं का पूजन और रामनवमी उत्सव से गूंजा गुरुकुल: शतचंडी यज्ञ से हुआ दिव्य समापन
महर्षि पाणिनि वेद-वेदांग विद्यापीठ गुरुकुल में हुआ भव्य आयोजन, कन्याओं और राम दरबार की पूजा से गूंजी भक्ति
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर ईटा-1 स्थित महर्षि पाणिनि वेद-वेदांग विद्यापीठ गुरुकुल में चैत्र नवरात्रि और रामनवमी के शुभ अवसर पर भक्ति, संस्कृति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। गुरुकुल में एक ओर जहां शतचंडी यज्ञ की पूर्णाहुति के उपरांत 1008 कन्याओं का पूजन करके देवी शक्ति का आशीर्वाद लिया गया, वहीं दूसरी ओर राम दरबार की पूजा और यज्ञ के साथ रामनवमी उत्सव उल्लासपूर्वक मनाया गया।
कार्यक्रम के अधिष्ठाता ब्रह्मचारी श्री आनंद जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित इन आयोजनों में आध्यात्मिक ऊर्जा और सनातन संस्कृति की छवि स्पष्ट रूप से दिखाई दी। महाराज जी ने कन्याओं को देवी स्वरूप मानते हुए उनके पूजन का लौकिक और आध्यात्मिक महत्व बताया। उन्होंने कहा कि यह 1008 कन्याएं किसी चमत्कार से कम नहीं, ये स्वयं आदिशक्ति का रूप हैं और इनके भीतर भारत के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला निहित है।
रामनवमी उत्सव में महाराज जी ने रामराज्य की पुनः स्थापना का आह्वान करते हुए कहा कि यह दिन 500 वर्षों की प्रतीक्षा, संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। अब हमारा दायित्व है कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम के आदर्शों पर चलते हुए समाज को एक नई दिशा दें।
गुरुकुल के संस्थापक आचार्य रविकांत दीक्षित जी ने कहा कि कन्याओं की पूजा केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि हमारे सांस्कृतिक दायित्व का हिस्सा है। उन्होंने उपस्थित संतों, महापुरुषों एवं अतिथियों का आभार जताते हुए गुरुकुल के छात्रों के लिए मूलभूत सुविधाओं की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि गुरुकुल में रह रहे बटुक ऋषि परंपरा के अनुसार शिक्षा-दीक्षा ले रहे हैं, और समाज से उन्हें स्नेह व सहयोग की अपेक्षा है।
इस मौके पर गुरुकुल संचालन समिति के अध्यक्ष वेदप्रकाश शर्मा, संरक्षक बीपी नवानी, श्री रविशंकर शर्मा, प्रत्यूष पाठक, उमेश पवार, अंकुर शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे और आयोजन में सहयोग प्रदान किया।
भव्य पूजन, दिव्य यज्ञ, कन्याओं की वंदना और राम दरबार की आराधना से गुंजायमान हुआ यह आयोजन न केवल श्रद्धालुओं के लिए आत्मिक तृप्ति का माध्यम बना, बल्कि गुरुकुल में रचे-बसे सनातन संस्कारों की गूंज पूरे नगर में फैल गई।
