नोएडा में वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार – चोरी की दो ईको कार, इंजन और भारी मात्रा में स्क्रैप बरामद
नोएडा। थाना सेक्टर-58 पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए मिली गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने एक सक्रिय वाहन चोर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से चोरी की दो ईको कार, एक इंजन, भारी मात्रा में स्क्रैप और फर्जी नंबर प्लेटें बरामद की गई हैं।
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान दिनेश चौहान (38), वसीम रिजवी (35) और आकिब (35) के रूप में हुई है। इन सभी का संबंध उत्तर प्रदेश के सम्भल और बरेली जिलों से है। फिलहाल वे गौतमबुद्धनगर में रहकर अपराध को अंजाम दे रहे थे।
चोरी का तरीका और गिरोह का खुलासा:
पूछताछ में अभियुक्तों ने खुलासा किया कि वे एक संगठित गिरोह का हिस्सा हैं जो दिल्ली-एनसीआर से ईको कारें चुराकर उनके इंजन और चेचिस नंबर बदल देता है। इसके बाद गाड़ियों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर फर्जी कागज़ात तैयार किए जाते हैं। फिर इन गाड़ियों को ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता है या स्क्रैप में तब्दील कर दिया जाता है।
वसीम रिजवी ने बताया कि वह कबाड़ी का काम करता है और चोरी की गाड़ियों के पुर्जों को कंडम गाड़ियों के असली कागजों से मिलाकर वैध दिखाने की कोशिश करता है। अभियुक्तों ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने 16 मार्च 2025 को सेक्टर-55, नोएडा रोड से एक ईको कार चुराई थी, जिसे बेचने की फिराक में थे। सेक्टर-62 के ग्रीन बेल्ट से बरामद दूसरी ईको कार स्क्रैप से भरी हुई थी।
बरामद सामान में शामिल हैं:
एक ईको कार (DL 3CC 8543) – चोरी की गई
एक ईको कार (UP 25 BW 4121 – फर्जी नंबर प्लेट लगी) – स्क्रैप भरी हुई
एक कार का इंजन
चार पहिए रिम सहित
चार गेट शीशों सहित
एक डिग्गी गेट
एक एलपीजी सिलेंडर (कार में प्रयोग हेतु)
चार फर्जी नंबर प्लेट
अपराधिक इतिहास:
अभियुक्तों पर पहले से भी संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इनमें वाहन चोरी, जालसाजी और धोखाधड़ी जैसी धाराएं शामिल हैं। वसीम के खिलाफ वर्ष 2019 में नवाबगंज, फतेहगढ़ में गंभीर आरोपों के तहत मुकदमा पंजीकृत है।
पंजीकृत मुकदमे:
मु.अ.सं. 140/2025 – धारा 303(2), 317(2)(5), 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस
मु.अ.सं. 121/2025 – धारा 303(3) बीएनएस
मु.अ.सं. 344/2019 – भादवि की धारा 411, 414, 413, 420, 467, 468, 471
पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की इस कार्रवाई को एक अहम सफलता माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में सक्रिय वाहन चोर गिरोहों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
