यूपी विधानसभा में गूंजी एकेटीयू के छात्र अंकुर अवस्थी की बुलंद आवाज
राष्ट्रीय युवा संसद में संविधान, लोकतंत्र और नागरिक कर्तव्यों पर दिया जोशीला भाषण, गणमान्य अतिथियों ने सराहा
लखनऊ। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) के फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट के एमबीए छात्र अंकुर अवस्थी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में आयोजित राष्ट्रीय युवा संसद में अपने विचार रखकर सभी का ध्यान आकर्षित किया। उनके ओजस्वी भाषण में भारतीय संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, नागरिक अधिकारों, कर्तव्यों और लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
संविधान को बताया “सबसे पवित्र ग्रंथ”
अंकुर अवस्थी ने अपने जोशीले संबोधन में संविधान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को रेखांकित करते हुए बताया कि भारत का संविधान बलिदानों और संघर्षों की नींव पर टिका है। उन्होंने इसे “सबसे पवित्र ग्रंथ” बताते हुए इसके संरक्षण और सम्मान की आवश्यकता पर जोर दिया।
अपने विचार रखते हुए उन्होंने जातिगत भेदभाव, लैंगिक असमानता, तीन तलाक और लोकतांत्रिक दायित्वों जैसे ज्वलंत मुद्दों पर बेबाकी से बात की। इसके अलावा, उन्होंने नागरिकों के कर्तव्यों को “5” – “जन, जंगल, जमीन, जानवर और जन” के रूप में प्रस्तुत किया, जिसे सभा में मौजूद गणमान्य अतिथियों ने भरपूर सराहा।
विधानसभा में प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
इस ऐतिहासिक अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, उच्च शिक्षा मंत्री सहित कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी उपस्थित रहे।
“वन नेशन, वन इलेक्शन” पर भी रखे विचार
इससे पहले, अंकुर अवस्थी ने नोडल स्तर की प्रतियोगिता में “वन नेशन, वन इलेक्शन” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए थे। उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति के आधार पर ही उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा में विचार रखने का अवसर मिला।
अंकुर अवस्थी ने जताया गर्व
इस ऐतिहासिक अवसर पर अपनी प्रस्तुति को लेकर अंकुर अवस्थी ने कहा,
“संविधान सिर्फ एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की बुनियाद है। इसे सुरक्षित और सशक्त बनाए रखना हमारा कर्तव्य है। मुझे गर्व है कि मुझे इस मंच से अपने विचार रखने का अवसर मिला।”
उनकी इस शानदार उपलब्धि ने AKTU विश्वविद्यालय और प्राविधिक शिक्षा क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।
