गलगोटियास यूनिवर्सिटी में ईएसवीसी-3000 का भव्य समापन, सौर और इलेक्ट्रिक वाहनों की तकनीक ने किया मंत्रमुग्ध

देशभर के युवा इंजीनियरों ने दिखाई नवाचार की मिसाल, ई-बाइक चैलेंज और सोलर व्हीकल चैंपियनशिप में दिखा जबरदस्त उत्साह

ग्रेटर नोएडा। गलगोटियास यूनिवर्सिटी में आयोजित 10वें इलेक्ट्रिक सोलर व्हीकल चैंपियनशिप-3000 (ESVC-3000) का भव्य समापन हुआ। 27 मार्च से 2 अप्रैल तक चले इस प्रतिष्ठित आयोजन में आईएसआईई इंडिया (इम्पीरियल सोसाइटी ऑफ इनोवेटिव इंजीनियर्स, इंडिया) के सहयोग से देशभर के युवा इंजीनियरों ने अपनी तकनीकी प्रतिभा और नवाचार का प्रदर्शन किया।

सौर और इलेक्ट्रिक वाहनों की अनूठी प्रदर्शनी

भारत की शीर्ष सौर वाहन प्रतियोगिताओं में शामिल ईएसवीसी-3000 में इस बार दो प्रमुख श्रेणियां थीं— एसआईईपी ई-बाइक चैलेंज (सीजन-5) और ईएसवीसी-3000 सोलर व्हीकल चैंपियनशिप। इस दौरान प्रतिभागियों ने वाहन निर्माण, दक्षता, सहनशक्ति और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता में 20 टीमों ने सख्त तकनीकी निरीक्षण (टीआई) पास किया, जिसमें वाहन की सुरक्षा, यांत्रिक मजबूती और विद्युत प्रणाली की जांच की गई। इसके बाद विभिन्न परीक्षणों में 20 टीमों ने ब्रेकिंग टेस्ट, 19 ने एक्सेलेरेशन टेस्ट, 4 ने ब्रेकिंग, 2 ने एक्सेलेरेशन और 2 टीमों ने हिल क्लाइंबिंग टेस्ट में सफलता हासिल की। इस आयोजन को और रोमांचक बनाने के लिए रेड बुल वाहन प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसने छात्रों और दर्शकों को ग्रीन एनर्जी इनोवेशन के प्रति प्रेरित किया।

ई-बाइक चैलेंज का रोमांच और विजेता टीमों की शानदार जीत

31 मार्च को आयोजित ई-बाइक चैलेंज (सीजन-5) की 45 मिनट की एंड्यूरेंस रेस ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस प्रतियोगिता में टीम एमवी-ट्रॉनिक्स ने चैंपियनशिप का खिताब जीता, जबकि टीम फाल्कन रेसर्स और टीम डार्क ने क्रमशः प्रथम और द्वितीय रनर-अप का स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा, बेस्ट ऑफ-रोड, बेस्ट हिल क्लाइंब, बेस्ट एक्सेलेरेशन और बेस्ट इनोवेशन जैसी विभिन्न श्रेणियों में भी पुरस्कार वितरित किए गए।

सौर ऊर्जा से चलने वाले वाहनों ने बटोरीं सुर्खियां

1 अप्रैल को हुए ईएसवीसी-3000 सोलर व्हीकल चैंपियनशिप के फाइनल में देशभर की टीमों ने अपने सौर ऊर्जा संचालित वाहनों की दक्षता और सहनशक्ति का प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों ने इनोवेटिव डिजाइन और ऊर्जा-कुशल तकनीकों का बेहतरीन उपयोग कर प्रतियोगिता को बेहद प्रतिस्पर्धी और रोमांचक बना दिया।

गलगोटियास यूनिवर्सिटी तकनीकी नवाचारों को दे रही बढ़ावा

गलगोटियास यूनिवर्सिटी के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने इस आयोजन को विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा, “ईएसवीसी-3000 केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि यह हरित और सतत भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह देखना बेहद प्रेरणादायक है कि युवा इंजीनियर नवाचार कर रहे हैं और स्वच्छ गतिशीलता को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं।”

गौरतलब है कि 2017 से गलगोटियास यूनिवर्सिटी इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की आधिकारिक मेजबान रही है। इस वर्ष भी इस आयोजन को एनबीसी बेयरिंग्स (सीके बिड़ला ग्रुप) और ईएस जैसे प्रमुख प्रायोजकों का समर्थन प्राप्त था।

तकनीकी प्रगति में विश्वविद्यालय की अहम भूमिका

गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने सभी प्रतिभागियों और विजेताओं को उनकी असाधारण तकनीकी क्षमताओं और नवीकरणीय ऊर्जा परिवहन में योगदान के लिए बधाई दी। ईएसवीसी-3000 का यह सफल संस्करण विश्वविद्यालय की तकनीकी नवाचार और स्थिरता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।

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