प्रोटोटाइप से नवाचार तक: IIC कार्यशाला ने इंजीनियरिंग में बदलाव की दिशा तय की
ग्रेटर नोएडा, 2 अप्रैल 2025: आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज के इंस्टिट्यूट इनोवेशन काउंसिल (IIC) ने आज “प्रोटोटाइप और प्रोसेस डिज़ाइन और विकास” पर एक जानकारीपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और संकाय सदस्यों को प्रोटोटाइप डिज़ाइन एवं विकास प्रक्रिया के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराना था, जो आधुनिक इंजीनियरिंग और व्यापारिक दुनिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यशाला के मुख्य आकर्षण में डॉ. वी.के. अरोड़ा (अंवेशन फाउंडेशन के सीईओ और इंदिरा गांधी दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय (महिला) के विशेषज्ञ) ने प्रोटोटाइप डिज़ाइन के मूलभूत सिद्धांतों, पुनरावृत्त प्रक्रियाओं और विकास चक्रों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे विचारों को वास्तविक उत्पादों में परिवर्तित किया जा सकता है।
कार्यक्रम में B.Tech और MBA के छात्र एवं आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज के संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने प्रोटोटाइप विकास के सिद्धांतों को समझने के साथ-साथ प्रायोगिक सत्रों में भी सक्रिय रूप से भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. मयंक गर्ग, IIC-ITSEC के अध्यक्ष और कॉलेज के निदेशक ने स्वागत भाषण दिया, जिसमें उन्होंने शैक्षिक नवाचार और अनुसंधान के महत्व पर बल दिया। अंत में डॉ. राजीव रंजन, IIC-ITSEC के संयोजक ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ डॉ. अरोड़ा की विशेषज्ञता और प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।
इस कार्यशाला से मिली अत्यधिक सकारात्मक प्रतिक्रिया ने यह दर्शाया कि आज के तेज़ी से बदलते तकनीकी और उद्यमिता के माहौल में प्रोटोटाइपिंग की अहमियत और भी बढ़ गई है। आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज का IIC नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने में एक सफल पहल के रूप में उभरा है।
