सोशल मीडिया पर सतर्कता से आत्महत्या के मामलों को रोका, गौतमबुद्धनगर पुलिस का सराहनीय प्रयास
गौतमबुद्धनगर। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर सोशल मीडिया पर सतर्क निगरानी रखते हुए न केवल अपराधों पर नजर बनाए हुए है, बल्कि संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई कर लोगों की जान भी बचा रही है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि) पर प्राप्त सूचनाओं के आधार पर मीडिया सेल व पीआरवी डायल 112 की मदद से कई युवाओं और महिलाओं को आत्महत्या करने से रोका गया।
पुलिस मुख्यालय लखनऊ और सोशल मीडिया सेल गौतमबुद्धनगर को मिली सूचनाओं के आधार पर स्थानीय थाना पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए संबंधित व्यक्तियों की लोकेशन ट्रेस की और समय रहते मौके पर पहुंचकर काउंसलिंग कर उनकी जान बचाई। पुलिस की तत्परता से कई परिवारों को अपूरणीय क्षति से बचाया जा सका।
महत्वपूर्ण मामले जिनमें पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाई
1. इंस्टाग्राम पोस्ट से बची युवक की जान (थाना दनकौर)
एक युवक ने फांसी लगाने की फोटो पोस्ट की। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर उसे ढूंढा, काउंसलिंग की और परिजनों के सुपुर्द किया।
2. प्रतियोगी परीक्षा के दबाव में युवक का आत्महत्या का प्रयास (थाना जेवर)
तनाव में आए युवक ने इंस्टाग्राम पर सुसाइड संबंधी पोस्ट डाली। पुलिस ने उसे खोजकर समझाया और आत्महत्या का प्रयास विफल किया।
3. संयुक्त कार्रवाई से बची युवक की जान (थाना बिसरख और दनकौर)
युवक की इंस्टाग्राम पोस्ट से आत्महत्या के संकेत मिले। बिसरख और दनकौर पुलिस ने मिलकर लोकेट किया और सुरक्षित परिजनों को सौंपा।
4. फेसबुक पोस्ट से आत्महत्या रोकने में सफल रही पुलिस (थाना इकोटेक-3)
युवक ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आत्महत्या का इरादा जाहिर किया। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से उसे ट्रेस कर पुलिस ने जान बचाई।
5. नहर में कूदने वाले युवक को बचाया (थाना दनकौर)
परिजनों से नाराज युवक ने आत्महत्या के लिए नहर में छलांग लगा दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे सुरक्षित निकाला।
6. लाइव वीडियो में आत्महत्या का प्रयास, पुलिस ने समय पर बचाया (थाना फेस-2)
एक महिला ने कमरे में बंद होकर दवाइयां खाकर आत्महत्या की कोशिश की और इसका लाइव वीडियो फेसबुक पर डाला। पुलिस ने आरडब्ल्यूए की मदद से दरवाजा खुलवाया और महिला की जान बचाई।
पीआरवी डायल 112 ने संकट में फंसे लोगों की जान बचाई
गौतमबुद्धनगर पुलिस की पीआरवी डायल 112 ने पिछले तीन वर्षों में 211 सराहनीय कार्य किए, जिनमें 193 घायल व्यक्तियों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
महत्वपूर्ण घटनाएं जिनमें पीआरवी कर्मियों ने निभाई अहम भूमिका
1. घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया
सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को पीआरवी कर्मियों ने बिना एंबुलेंस का इंतजार किए अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बची।
2. लावारिस बच्चों को परिजनों से मिलवाया
लावारिस हालत में मिले चार और दो साल के बच्चों को अनाउंसमेंट कराकर परिजनों को सौंपा गया।
3. घायल पक्षी को बचाया
सड़क पर घायल चील को पानी पिलाकर होश में लाया और वन विभाग को सूचना देकर चिकित्सा दिलाई।
4. गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों की मदद
एक्सीडेंट में घायल तीन व्यक्तियों को तुरंत पीआरवी और निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया।
5. मानसिक रूप से अस्वस्थ लड़की को सुरक्षित लौटाया
ट्रेन में रास्ता भटक गई 17 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ लड़की को पुलिस ने खोजकर दादरी स्टेशन पर परिजनों को सौंपा।
6. सुनसान स्थान पर फंसी महिलाओं की मदद
पेट्रोल खत्म होने से रास्ते में रुकी दो महिलाओं की मदद कर गाड़ी स्टार्ट करवाई और उन्हें सुरक्षित गंतव्य तक रवाना किया।
7. बेसहारा व्यक्ति को रैन बसेरे पहुंचाया
सड़क किनारे ठंड में बेसहारा पड़े व्यक्ति को खाना खिलाकर रैन बसेरे में ठहराया।
8. नाले में गिरे व्यक्ति की जान बचाई
नाले में गिरे बेहोश व्यक्ति को पुलिस ने निकाला, साफ पानी से नहलाया और स्थानीय लोगों की मदद से कपड़े बदलवाए।
पुलिस की सतर्कता से समाज में बढ़ रहा विश्वास
गौतमबुद्धनगर पुलिस की सतर्कता और संवेदनशीलता से आत्महत्या के मामलों को रोकने और जरूरतमंदों की मदद करने की कई घटनाएं सामने आई हैं। सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग के जरिए पुलिस अपराधों पर नजर रखने के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूकता बढ़ा रही है। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर का यह प्रयास समाज में सुरक्षा और विश्वास की भावना को मजबूत कर रहा है।
