जीआईएमएस में टीबी जागरूकता कार्यशाला आयोजित, विशेषज्ञों ने साझा किए उन्मूलन के प्रभावी उपाय
ग्रेटर नोएडा। टीबी दिवस के उपलक्ष्य में राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जीआईएमएस) ने 28 मार्च 2024 को स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए एक संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित की। इस कार्यशाला का उद्देश्य टीबी उन्मूलन में स्वास्थ्य पेशेवरों की भूमिका को मजबूत करना और उनके ज्ञान व कौशल को बढ़ाना था।
कार्यशाला में जागरूकता और सहभागिता पर जोर
कार्यशाला की शुरुआत सामुदायिक चिकित्सा और नर्सिंग कॉलेज के संयुक्त प्रयास से हुई, जिसमें पोस्टर और रील प्रतियोगिता जैसे रचनात्मक माध्यमों से टीबी जागरूकता को बढ़ावा दिया गया। डॉट्स केंद्र में पोषण पोटली वितरण किया गया, जिससे टीबी रोगियों के लिए संतुलित आहार के महत्व को रेखांकित किया गया। ओपीडी क्षेत्र में भी स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिससे मरीजों और समुदाय को लाभ मिला।
विशेषज्ञों ने साझा की टीबी उन्मूलन की रणनीतियाँ
कार्यशाला के औपचारिक उद्घाटन समारोह में जीआईएमएस के निदेशक डॉ. (ब्रिगेडियर) राकेश गुप्ता और गौतमबुद्ध नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार मुख्य अतिथि रहे। डॉ. सौरभ श्रीवास्तव (सीएमएस, जीआईएमएस) ने स्वागत भाषण दिया।
विशेषज्ञ सत्रों में टीबी नियंत्रण की विभिन्न रणनीतियों पर चर्चा हुई:
डॉ. सूर्यकांत (प्रोफेसर, केजीएमयू एवं अध्यक्ष, उत्तरी क्षेत्रीय टास्क फोर्स, एनटीईपी) ने “टीबी के खिलाफ केंद्रित 100 दिवसीय अभियान” पर प्रकाश डाला।
डॉ. जुगल किशोर (निदेशक प्रोफेसर, वीएमएमसी-सफदरजंग अस्पताल) ने भारत में टीबी उन्मूलन की चुनौतियों और समाधानों पर चर्चा की।
डॉ. अनुराग श्रीवास्तव (प्रोफेसर, सामुदायिक चिकित्सा, जीआईएमएस), डॉ. रश्मि उपाध्याय (एसोसिएट प्रोफेसर, श्वसन चिकित्सा, जीआईएमएस) और डॉ. आर.पी. सिंह (जिला तपेदिक अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर) ने स्थानीय स्तर पर टीबी नियंत्रण प्रयासों की रूपरेखा प्रस्तुत की।
कार्यशाला को मिली सराहना
कार्यशाला का समापन डॉ. श्रुति सिंह (सहायक प्रोफेसर, सामुदायिक चिकित्सा, जीआईएमएस) के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों के बीच संवाद को प्रतिभागियों ने अत्यंत उपयोगी बताया। जीआईएमएस ने इस पहल के माध्यम से टीबी उन्मूलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और सार्वजनिक स्वास्थ्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया।
