एबीवीपी गौतमबुद्धनगर ने छेड़ा नशा मुक्ति अभियान, जागरूकता बढ़ाने के लिए होगा व्यापक आंदोलन
ग्रेटर नोएडा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) गौतमबुद्धनगर ने बढ़ती नशे की लत पर रोक लगाने और युवाओं को जागरूक करने के लिए नशा मुक्ति अभियान चलाने की घोषणा की है। इस अभियान के तहत एबीवीपी जागरूकता रैलियों, कार्यशालाओं, सेमिनारों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करेगी।
प्रदेश मंत्री गौरव गौड़ ने कहा कि नशा समाज के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। खुलेआम नशे के व्यापार के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी इसकी चपेट में आ रहे हैं, जिससे आत्महत्या और सड़क दुर्घटनाओं जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। एबीवीपी इस व्यापार पर रोक लगाने के लिए प्रशासन को ज्ञापन सौंपेगी और यदि कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
27 मार्च से होगा अभियान का आगाज
नगर मंत्री देव नागर ने जानकारी दी कि 28 मार्च से अभियान की आधिकारिक शुरुआत होगी, जिसमें हजारों विद्यार्थियों को नशा मुक्त जीवन जीने की शपथ दिलाई जाएगी। अभियान चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा—
27 मार्च: प्रेसवार्ता आयोजित की जाएगी।
28 मार्च: पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर नशे के खुले व्यापार और काले धंधों के ठिकानों पर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
29 मार्च से 2 अप्रैल: शहर के प्रमुख स्थानों—कॉमर्शियल बेल्ट, अल्फा-2, अल्फा-3, नॉलेज पार्क, पूर्वाचल सोसाइटी, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, तुगलपुर, चाईफाई, निम्बस और पूर्वांचल रॉयल सोसाइटी में नुक्कड़ नाटकों के जरिए जागरूकता फैलाई जाएगी।
अभियान का समापन: एक भव्य सेमिनार के साथ होगा, जिसमें समाज के नशा मुक्ति क्षेत्र के विशेषज्ञ और अनुभवी व्यक्ति शामिल होंगे।
एबीवीपी ने स्पष्ट किया है कि जब तक नशे के इस व्यापार पर रोक नहीं लगती, विद्यार्थी परिषद का अभियान जारी रहेगा।
