अगर भविष्य की ऊर्जा तकनीक देखनी है, तो भारत जाओ – पीयूष गोयल
नोएडा, फरवरी 2025: ELECRAMA 2025 के तीसरे दिन ऊर्जा क्षेत्र में भारत की भूमिका, नीति और तकनीकी विकास पर अहम चर्चाएं हुईं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत को वैश्विक ऊर्जा समाधान का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए एकीकृत विद्युत प्रदर्शनी की जरूरत है, जिससे विदेशी निवेशकों और उद्योग जगत को आकर्षित किया जा सके।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “अगर भविष्य की ऊर्जा तकनीक देखनी है, तो भारत जाओ”, और इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
पीयूष गोयल ने भारत के विद्युत उद्योग को एक मंच पर लाकर इसे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह कदम ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगा, जिससे भारत वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला का अहम हिस्सा बन सकेगा।
वाणिज्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव विमल आनंद ने बताया कि भारत अगले साल तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि इस रास्ते में कई समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देंगे।
eTECHnxt सम्मेलन में स्वच्छ ऊर्जा, स्मार्ट ग्रिड और डिजिटल परिवर्तन पर जोर दिया गया। सम्मेलन में “न्यू फ्रंटियर्स इन पावर जेनरेशन” श्वेत पत्र जारी किया गया, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रिड आधुनिकीकरण पर विचार साझा किए गए।
“भारत, विश्व मित्र” गोलमेज सम्मेलन में भारत के G20 शेरपा अमिताभ कांत ने कहा कि देश 2047 तक $30 ट्रिलियन GDP लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने डिजिटलीकरण, बुनियादी ढांचे और संरचनात्मक सुधारों को विकास के प्रमुख कारक बताया और कहा कि ये कदम भारत को वैश्विक मंच पर और मजबूती से स्थापित करेंगे।
इस समृद्ध चर्चाओं और घोषणाओं से भारत के ऊर्जा क्षेत्र में आने वाले समय में नई संभावनाओं और नवाचारों के द्वार खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।
