महाशिवरात्रि 2025: पूजन विधि, शुभ मुहूर्त और महाकुंभ में स्नान का विशेष योग, बता रहे हैं पंडित सागर शास्त्री
ग्रेटर नोएडा। फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर महाशिवरात्रि व्रत इस वर्ष 26 फरवरी 2025 को मनाया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार महाशिवरात्रि महाकुंभ के पावन अवसर पर आ रही है, जिसका समापन शाही स्नान से होगा। यह अवसर अत्यंत शुभ और दुर्लभ माना जा रहा है, क्योंकि श्रवण नक्षत्र में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है।
ज्योतिषाचार्य पं. सागर शास्त्री के अनुसार, इस दिन बुध, शनि और सूर्य तीनों ग्रह कुंभ राशि में रहेंगे, जिससे बुधादित्य योग का निर्माण होगा। यह योग शिव उपासकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।
चार प्रहर में करें भगवान शिव की पूजा
महाशिवरात्रि पर रात्रि के चार प्रहरों में भगवान शिव का पूजन विशेष फलदायी होता है। भक्तों को पूरे विधि-विधान से रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र जाप एवं शिवार्चन करना चाहिए।
पूजन के चार शुभ मुहूर्त:
✅ प्रथम प्रहर – सायं 06:48 से रात 09:58 तक
✅ द्वितीय प्रहर – रात 09:58 से 01:08 तक
✅ तृतीय प्रहर – रात 01:08 से 27 फरवरी की सुबह 04:18 तक
✅ चतुर्थ प्रहर – सुबह 04:18 से 06:58 तक
महाशिवरात्रि पर ऐसे करें पूजन
भगवान शिव की पूजा में निम्नलिखित सामग्री का उपयोग करना शुभ माना जाता है:
➡ दूध, दही, शहद, घी, बूरा, बेलपत्र, भांग, धतूरा, समीपत्र, फूलमाला, फल व मिष्ठान।
इस दिन भक्तों को शिवलिंग पर जल या पंचामृत चढ़ाकर विशेष पूजन करना चाहिए।
महाकुंभ में स्नान का दुर्लभ संयोग
इस बार महाशिवरात्रि का व्रत महाकुंभ के समापन पर हो रहा है, जिसमें शाही स्नान का विशेष महत्व होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पावन अवसर पर स्नान, दान और पूजा करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
पं. सागर शास्त्री का कहना है कि इस बार अमृत काल में कुंभ स्नान करने का अत्यंत शुभ योग बन रहा है, जिससे भक्तों को अक्षय पुण्य प्राप्त होगा। भक्तों को चाहिए कि वे इस अवसर पर भगवान शिव का विधिपूर्वक पूजन कर रुद्राभिषेक करें और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
(पं. सागर शास्त्री, मिक्शन ग्रीन, महालक्ष्मी सोसायटी, ग्रेटर नोएडा, गौतमबुद्धनगर, संपर्क: 8447978351)
