भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों की 8 मांगें, उचित मुआवजा और पुनर्वास पर जोर

ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर में किसानों ने भूमि अधिग्रहण को लेकर अपनी प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखी हैं। किसानों का कहना है कि अधिग्रहण प्रक्रिया में न्याय होना चाहिए और उन्हें उचित मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार की गारंटी दी जानी चाहिए। किसानों ने प्रधानमंत्री के “मन की बात” में उल्लिखित 20% विकसित भूखंड के प्रावधान को लागू करने की भी मांग की है।

किसानों की प्रमुख मांगें:
1️⃣ 20% विकसित भूखंड की गारंटी: अधिग्रहित कृषि भूमि के बदले हर किसान को 20% विकसित भूखंड मिलना चाहिए, जिसे प्रधानमंत्री भी स्वीकार कर चुके हैं।
2️⃣ सर्किल रेट का पुनर्निर्धारण: गौतमबुद्ध नगर को औद्योगिक और शहरी क्षेत्र मानते हुए सर्किल रेट को संशोधित कर भूमि अधिग्रहण कानून के तहत मुआवजा दिया जाए।
3️⃣ पुनर्वास की गारंटी: विस्थापित होने वाले गांवों को YEIDA के आवासीय सेक्टर के पास बसाया जाए और स्थान चयन की सहमति पहले से लिखित में ली जाए।
4️⃣ प्लॉट का आकार बढ़ाया जाए: किसानों को न्यूनतम 100 मीटर और अधिकतम 1000 मीटर का भूखंड दिया जाए।
5️⃣ बचे हुए आवासीय क्षेत्र का उचित मुआवजा: जिन किसानों के गांव में आवासीय क्षेत्र अधिक हैं, उन्हें बची हुई जमीन का मुआवजा YEIDA दर (₹26,000 प्रति वर्ग मीटर) के अनुसार दिया जाए।
6️⃣ मकानों का उचित मूल्यांकन: घरों की कीमत का आकलन PWD और रेलवे के नए मानकों के अनुसार किया जाए, जिससे सभी को समान मुआवजा मिले, चाहे घर नया हो या पुराना।
7️⃣ बेरोजगार युवाओं के लिए आर्थिक सहायता: प्रत्येक परिवार के बेरोजगार बच्चों को उनकी योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी या एकमुश्त ₹30 लाख दिए जाएं।
8️⃣ भूमिहीन मजदूरों के लिए राहत: खेतीहर भूमिहीन मजदूरों को ₹20 लाख प्रति सदस्य बेरोजगारी भत्ता मिले या घर के मुखिया को ₹50 लाख की एकमुश्त राशि दी जाए।

किसानों का कहना है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि विकास के नाम पर उनके अधिकारों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं।

यह भी देखे:-

गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ओरिगामी कार्यशाला का शुभारंभ
हलाल सर्टिफाइड उत्पादों पर खाद्य विभाग की छापेमारी
भारत का ज्योतिष विज्ञान दुनिया की किसी तकनीक से आगे------ इंद्रेश कुमार प्रचारक (आरएसएस)
Aryan Khan Drugs Case: आर्यन खान को दी गईं विज्ञान की किताबें, दूसरे आरोपियों जैसा ही मिल रहा खाना
सेक्टर गामा - 1 के जंगल मे कारोबारी ने की फांसी लगाकर की खुदकुशी
जीएलबीआईएमआर के छात्रों ने स्वच्छता -वृक्षारोपण अभियान चलाया
Sharda University Organizes Successful National Multidisciplinary Conference on Recent Advances in M...
ग्रेनो प्राधिकरण ने एक दिन में लगाए 1.18 लाख पौधे, ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने गामा व...
उ.प्र. रेरा में प्रोमोटर के लिए परियोजना की भूमि पर स्वत्व साबित करना अनिवार्य
पैरा ओलंपिक खेल में सिल्वर मेडल जीतने पर जिलाधिकारी को संगठन के कार्यकर्ताओं ने फूलों का गुलदस्ता भे...
सियासत से सत्ता : गुजरात के बदलाव में यूपी के लिए भी बड़ा संदेश, असंतुष्टों को नसीहत
नोएडा में लगेगा बेरोजगारों के लिए रोजगार मेला जानिए कब और कहां
संयुक्त परिवार और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर जोर, वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन का प्रशिक्षण वर...
गैंगस्टर एक्ट में गिरफ्तार काजल झा को मिली जमानत, जेल से हुई रहा
स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने बढ़ाए सफलता के कदम: जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह के साथ हस्तशिल्प मेले म...
Yamuna Authority: अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी के लेआउट प्लान को यीडा की मंजूरी, फरवरी में शुरू होगा निर...