GL बजाज का बड़ा कदम: भ्रष्टाचार मामले में निदेशक निलंबित, पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई
ग्रेटर नोएडा। नेशनल असेसमेंट एंड एक्रिडिटेशन काउंसिल (NAAC) की ग्रेडिंग प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के आरोप में सीबीआई ने कई शिक्षाविदों और अधिकारियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें GL बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के निदेशक डॉ. मानस कुमार मिश्रा भी शामिल हैं। इस मामले में संस्थान ने अपनी पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता देते हुए डॉ. मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
संस्थान ने अपने स्पष्टीकरण में स्पष्ट किया है कि GL बजाज का इस घोटाले से कोई संबंध नहीं है। जीएल बजाज के वाइस प्रेसिडेंट पंकज अग्रवाल ने एक पेज कांफ्रेंस आयोजित कर कहा कि वह हमेशा उच्च नैतिक मानकों और पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध रहा है और इसीलिए प्रशासनिक सुचारूता बनाए रखने के लिए प्रोफेसर आर.के. मिश्रा को कार्यवाहक निदेशक नियुक्त किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
सीबीआई ने हाल ही में NAAC ग्रेडिंग प्रक्रिया में घूस लेने और अनियमितताओं को लेकर जांच के बाद कार्रवाई की थी। इस मामले में NAAC की निरीक्षण समिति के अध्यक्ष और JNU के प्रोफेसर राजीव सिजारिया, भारत इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ के डीन डी. गोपाल, जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी के डीन राजेश सिंह पवार, दावणगेरे विश्वविद्यालय की प्रोफेसर गायत्री देवराज, संबलपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर बुलु महाराणा और केएलईएफ के कुलपति सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
संस्थान ने की अफवाहों से बचने की अपील
GL बजाज प्रबंधन ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि संस्थान की छवि को प्रभावित करने वाली किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। संस्थान ने यह भी कहा कि वह नैतिक प्रशासन और शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आगे भी इसी दिशा में कार्य करता रहेगा।
इस घटनाक्रम ने शिक्षा जगत में पारदर्शिता और नैतिकता बनाए रखने की जरूरत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
