फिटजी संस्थान बंद होने से छात्र संकट में, एबीवीपी ने सौंपा ज्ञापन
गौतमबुद्धनगर। प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान फिटजी (FIITJEE) के अचानक बंद होने से सैकड़ों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। बिना किसी पूर्व सूचना के कक्षाएं बंद कर दिए जाने से छात्रों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है। इस मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की।
छात्रों और अभिभावकों की मुख्य चिंताएं:
बिना सूचना के कक्षाएं अचानक बंद कर दी गईं।
2024-26 सत्र के छात्रों से दो वर्षों की पूरी फीस पहले ही वसूली जा चुकी थी।
संस्थान बंद होने के कारण छात्रों के पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा।
प्रवेश के दौरान मौजूद स्टाफ ने फोन बंद कर दिए, जिससे अभिभावकों को कोई जानकारी नहीं मिल पाई।
सिर्फ एक व्हाट्सएप संदेश भेजकर बताया गया कि स्टाफ वेतन न मिलने के कारण इस्तीफा देकर चले गए।
एबीवीपी की मांगें:
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित कर जल्द समाधान निकाला जाए।
संस्थान के प्रबंधकों और शाखा प्रमुखों पर कड़ी कार्रवाई हो, क्योंकि उन्होंने अभिभावकों को गुमराह किया।
यदि कोर्स दोबारा शुरू नहीं होता, तो सभी अभिभावकों को पूरी फीस वापस की जाए।
जिलाधिकारी ने दिए कार्रवाई के आदेश
एबीवीपी के ज्ञापन के बाद जिलाधिकारी ने डीसीपी को मामले में तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
एबीवीपी छात्रों और अभिभावकों के साथ
मेरठ प्रांत मंत्री गौरव गौड़ ने कहा कि एबीवीपी हमेशा छात्रों और अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत रहेगा। इस दौरान 100 से अधिक लोग प्रदर्शन में शामिल रहे।
फिलहाल, छात्र और अभिभावक सरकार और प्रशासन से उचित कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
