बजट 2025: करदाताओं, स्टार्टअप्स और वरिष्ठ नागरिकों के लिए बड़ी राहत, बता रही हैं चार्टर्ड अकाउंटेंट फाल्गुनी श्रीवास्तव
नई दिल्ली। वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए बजट 2025 में कर प्रणाली में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिनका प्रभाव आम करदाताओं, उद्यमियों और वरिष्ठ नागरिकों पर पड़ेगा।
चार्टर्ड अकाउंटेंट फाल्गुनी श्रीवास्तव ने बताया नए बजट में व्यक्तिगत कर, MSME, जीएसटी, क्रिप्टोकरेंसी कर, वरिष्ठ नागरिकों के लिए कर छूट और सरल कर अनुपालन से जुड़े कई अहम सुधार किए गए हैं।
व्यक्तिगत कर में बड़े बदलाव
- नए कर स्लैब (नई कर व्यवस्था) के तहत ₹4 लाख तक की आय पर कोई कर नहीं लगेगा, जबकि ₹4 लाख से ₹8 लाख तक 5% और ₹8 लाख से ₹12 लाख तक 10% कर लगेगा।
- ₹12 लाख तक की आय पर धारा 87A के तहत पूरी छूट मिलेगी, यानी कर शून्य रहेगा।
- वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए कर-मुक्त आय की सीमा ₹12.75 लाख तक बढ़ाई गई।
- आईटीआर संशोधन की समय सीमा 2 साल से बढ़ाकर 4 साल कर दी गई।
- टीडीएस/टीसीएस नियमों में बदलाव:
- ₹50,000 से अधिक मासिक किराए या ₹2.4 लाख वार्षिक किराए पर टीडीएस लागू।
- विदेशी भुगतान पर टीसीएस की सीमा ₹7 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख की गई।
- शिक्षा ऋण पर टीसीएस हटाया गया, यदि ऋण किसी वित्तीय संस्थान से लिया गया हो।
MSME और स्टार्टअप्स के लिए राहत
- MSME की नई परिभाषा:
- सूक्ष्म उद्योग – निवेश ₹2.5 करोड़ तक, टर्नओवर ₹10 करोड़ तक।
- लघु उद्योग – निवेश ₹25 करोड़ तक, टर्नओवर ₹100 करोड़ तक।
- मध्यम उद्योग – निवेश ₹125 करोड़ तक, टर्नओवर ₹500 करोड़ तक।
- स्टार्टअप्स के लिए कर अवकाश की अवधि 3 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दी गई।
- MAT (न्यूनतम वैकल्पिक कर) दर 15% से घटाकर 12% की गई।
- किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दी गई।
जीएसटी में बड़े बदलाव
- विक्रेताओं को सुनिश्चित करना होगा कि खरीदारों ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम नहीं किया है या इसे रिवर्स किया है।
- जीएसटी अपील में प्री-डिपॉजिट की सीमा 10% से बढ़ाकर अतिरिक्त 10% जुर्माना किया गया।
- विशेष उत्पादों पर यूनीक आइडेंटिफिकेशन मार्क अनिवार्य, उल्लंघन पर ₹1 लाख या 10% कर (जो अधिक हो) का जुर्माना।
क्रिप्टोकरेंसी निवेशकों को राहत
- क्रिप्टो लेनदेन पर टीडीएस दर 1% से घटाकर 0.5% कर दी गई, जो अब ₹1 लाख से अधिक के लेनदेन पर लागू होगी।
- क्रिप्टो आय पर कर दर 30% से घटाकर 20% की गई।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष प्रावधान
- वरिष्ठ नागरिकों (60+ वर्ष) के लिए कर-मुक्त आय सीमा ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹4 लाख की गई।
- अति वरिष्ठ नागरिकों (80+ वर्ष) के लिए यह सीमा ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹6 लाख की गई।
- फिक्स्ड डिपॉजिट ब्याज पर छूट ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख की गई।
- स्वास्थ्य बीमा कटौती (धारा 80D) ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख कर दी गई।
शिक्षा और समाजसेवा क्षेत्र में बदलाव
- धार्मिक एवं चैरिटेबल ट्रस्टों के पंजीकरण की वैधता 5 साल से बढ़ाकर 10 साल की गई।
- सरकारी स्कूलों में ‘अटल टिंकरिंग लैब’ योजना का विस्तार किया गया।
सरल कर अनुपालन के लिए नई व्यवस्था
- पूर्व-भरी हुई (Pre-filled) ITR फॉर्म में अब क्रिप्टो लेनदेन और विदेशी संपत्तियों का विवरण पहले से दर्ज होगा जिससे करदाताओं को सुविधा मिलेगी।
बजट 2025 में इन बदलावों के जरिए सरकार ने करदाताओं को राहत देने, डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने और व्यापार सुगमता में सुधार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
यह भी देखे:-
दो मासूम बच्चों की हत्या कर आत्महत्या का प्रयास, पुलिस ने महिला को किया गिरफ्तार
भारतीय किसान यूनियन बलराज ने लखीमपुर खीरी के मृतक किसानों को दी श्रद्धांजलि
कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से ईद का बदला बदला-सा रहा नजारा
बाल देख-रेख संगठनों को डीएम मनीष कुमार वर्मा का निर्देश, नियमों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई, जानिए
यूनिफॉर्म सिविल कोड : 'धर्म-जाति समुदाय से ऊपर उठ रहा देश, लागू हो यूनिफॉर्म सिविल कोड' - दिल्ली हाई...
बड़ी खबर: एनकाउंटर में मारा गया कासगंज पुलिस के सिपाही का हत्यारा
चोरी के जेवरात के साथ शातिर चोर गिरफ्तार
ईद से पहले पकिस्तान में बड़ा विमान हादसा, रिहायशी इलाके में गिरा , मातम पसरा
Women Reservation Bill: बिल के पास होने के बाद कितनी होगी नौकरियों में महिलाओं की हिस्सेदारी, जानें ...
यमुना एक्सप्रेसवे पर कोहरे का कहर: टक्कर के बाद धू-धू कर जलीं 7 बसें, 13 की मौत; 20 से अधिक घायल
इंटरनेशनल ट्रेड शो की तैयारी में योगी सरकार, दिखेगा बदलते यूपी का सामर्थ्य
आई आई एल एम, ग्रेजुएट स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, ग्रेटर नोएडा में 5 दिवसीय एफडीपी का आयोजन
नारदा केस में ममता सरकार के मंत्री को उठा ले गई सीबीआई
नोएडा में दिनदहाड़े मर्डर: युवक को बीच सड़क पर कार में गोलियों से भूना, पुलिस की चार टीम गठित
Air India Deal : टाटा सन्स ने 18000 करोड़ में एयर इंडिया की डील जीती, 67 साल बाद फिर दोनों साथ-साथ
मिला इन्साफ, फांसी पर लटके निर्भया के गुनाहगार
