Big Breaking: Income Tax Slabs 2025: Budget 2025- जानिए कितने आय पर टैक्स की राहत मिली? जानिए वित्त मंत्री की ऐतिहासिक घोषणा
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2025 को केंद्रीय बजट में इनकम टैक्स स्लैब को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। इस घोषणा के साथ, सरकार ने 12 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स नहीं लगाने की बात कही है, जो निश्चित रूप से आम जनता के लिए एक बड़ी राहत होगी।
बुजुर्गो का बड़ी राहत, अब 1 लाख रुपये तक मिलेगा टैक्स डिडक्शन, पहले 50000 रुपये थी लिमिट
आइए जानते हैं, इनकम टैक्स की दरों में बदलाव और उनके प्रभाव को:
1997-98: पहली बड़ी बढ़ोतरी
1997 में, वित्त मंत्री पी. चिदंबरम द्वारा की गई आयकर की दरों में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी से लोगों को हैरान कर दिया था। इस साल, 5 लाख रुपये से अधिक की आय पर 40% टैक्स लगाया गया, जो उस समय की सबसे ऊंची दर थी।
2009-10: अधिभार का समावेश
इस साल सरकार ने आयकर अधिभार को समाप्त किया, लेकिन अगले ही साल 2010 में 10 लाख रुपये से ऊपर की आय पर 10% का अधिभार लगा दिया।
2014-15: नई कर व्यवस्था का आगाज
नरेंद्र मोदी सरकार के समय में 2014 में नए टैक्स स्लैब पेश किए गए थे। इसके तहत 2.5 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं था, जबकि 2.5 लाख से 5 लाख रुपये तक पर 10% और 5 लाख से 10 लाख रुपये तक पर 20% टैक्स लगता था।
2018-19: स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर का बोझ
स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर को बढ़ाकर 4% किया गया, जिससे उच्च आय वर्ग पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ा। इस वर्ष नए टैक्स स्लैब भी लागू हुए थे।
2020-21: कोविड-19 के बीच राहत
कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार ने कुछ करों को स्थगित किया, लेकिन उच्च आय वर्ग के लिए टैक्स दरें स्थिर रहीं।
2021-22: स्थिरता की दिशा में एक कदम
इस साल भी सरकार ने टैक्स दरों में कोई खास बदलाव नहीं किया, हालांकि कुछ प्रावधानों के तहत उच्च आय वर्ग के लिए दरें बढ़ाई गईं।
वर्तमान स्थिति (2024-25): क्या नया है?
नए टैक्स रिजीम में अब 3 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। वहीं, 3 लाख से 7 लाख तक की आय पर 5% टैक्स और 7 लाख से 10 लाख रुपये तक की आय पर 10% टैक्स देना होगा। 10 लाख से 12 लाख रुपये तक की आय पर 15% टैक्स लगाया जाएगा।
अब सवाल यह उठता है कि 12 लाख तक की आय पर टैक्स न लगाने का कदम कैसे आम जनता की वित्तीय स्थिति को प्रभावित करेगा?
