शारदा विश्वविद्यालय में सातवें एचआर कॉन्क्लेव का सफल आयोजन: समकालीन एचआर रुझानों और नवाचारों पर विचार विमर्श
कॉर्पोरेट जीवन में बदलाव और तनाव प्रबंधन पर मोटिवेशनल स्पीकर आनंद अमृतराज का प्रेरक संबोधन
ग्रेनो के नॉलेज पार्क स्थित शारदा विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज और नोएडा चैप्टर पीएनजीआई (प्रोफेशनल नेटवर्क ग्रुप ऑफ इंडिया) के सहयोग से सातवें एचआर कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रमुख मानव संसाधन पेशेवरों, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया और समकालीन एचआर रुझानों और नवाचारों पर चर्चा की।
कॉन्क्लेव के दौरान पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं, जिनमें “प्रतिभा साम्राज्यों का युग”, “एआई के साथ एचआर को बदलना” और “भविष्य के लिए तैयार कार्यबल” जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम के समापन पर एचआर पुरस्कारों का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के सीएचआरओ सलिल लाल और डीएस ग्रुप की सीएचआरओ ऑनर सिमिन अस्करी ने अपनी उपस्थिति दर्ज की और कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
मोटिवेशनल स्पीकर और बिजनेस एडवाइजर आनंद अमृतराज ने अपने संबोधन में कहा कि कॉलेज से कॉर्पोरेट जीवन में संक्रमण एक लंबी और चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें धैर्य और समय की आवश्यकता होती है। उन्होंने यह भी कहा कि कॉर्पोरेट जीवन में तनाव का सामना करते समय मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है। नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और शौक से तनाव का प्रभावी प्रबंधन किया जा सकता है, जो उत्पादकता और सकारात्मकता को बढ़ाता है।
शारदा स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज की डीन सैली लुकोज ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योग की आवश्यकताओं के साथ अकादमिक ज्ञान को समन्वित करके छात्रों के लिए बेहतर प्रशिक्षण और प्लेसमेंट की संभावनाओं को बढ़ाना है। इसके साथ ही इंटर्नशिप और नेटवर्किंग के अवसरों को बढ़ावा देना भी इस पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो स्नातकों के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलता है।
इस कार्यक्रम में डॉ. श्वेता गुप्ता, डॉ. रुचि जैन गर्ग, प्रो. अभिनंदा भट्टाचार्य, डॉ. शांति नारायण, डॉ. हरिशंकर श्याम समेत शारदा विश्वविद्यालय के अन्य शिक्षकों और स्टाफ ने भी भाग लिया।
