आईईसी प्रीमियर लीग – सीजन 3 का भव्य समापन, 28 स्कूलों ने लिया हिस्सा
नोएडा। नॉलेज पार्क स्थित आईईसी कॉलेज में स्पोर्ट्स मीट के तहत आयोजित आईईसी प्रीमियर लीग – सीजन 3 का समापन शानदार तरीके से हुआ। इस लीग में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के 28 स्कूलों की क्रिकेट टीमों और 16 स्कूलों की खो-खो टीमों ने भाग लिया।
समापन समारोह में आईईसी कॉलेज के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रो. सुनील कुमार और डायरेक्टर प्रो. विनय गुप्ता ने खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ग्रेटर नोएडा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र नागर और विशिष्ट अतिथि डीसीपी साइबर सेल, नोएडा के हेड रतन सिंह ने खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने युवाओं को खेलों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि खेल न केवल शारीरिक विकास करते हैं, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर एक पहचान भी दिला रहे हैं।
क्रिकेट लीग: रोमांचक फाइनल में घनश्याम शर्मा इंटर कॉलेज बना विजेता
आईईसी प्रीमियर लीग के फाइनल में भारती आदर्श इंटर कॉलेज, तिलपता और श्री घनश्याम शर्मा इंटर कॉलेज, दुजाना के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारती आदर्श ने 16 ओवर में 10 विकेट खोकर 152 रन बनाए। जवाब में श्री घनश्याम शर्मा इंटर कॉलेज की टीम ने 15 ओवर में 8 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर विजेता का खिताब अपने नाम किया।
क्रिकेट लीग में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज का पुरस्कार लकी को और सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज का पुरस्कार हिमांशु को दिया गया।
खो-खो: श्री राम इंटर कॉलेज की टीम ने मारी बाजी
खो-खो के फाइनल मुकाबले में श्री राम इंटर कॉलेज और जेपीएस आदर्श पब्लिक स्कूल के बीच कांटे की टक्कर हुई। इस मैच में श्री राम इंटर कॉलेज ने विजेता का खिताब जीता।
पुरस्कार वितरण
दोनों खेलों की विजेता टीमों को 5100 रुपये नगद, उपविजेता टीमों को 3100 रुपये नगद, ट्रॉफी और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
10 दिनों का शानदार आयोजन
इस 10 दिन लंबे आयोजन में आईईसी कॉलेज के छात्रों और शिक्षकों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संस्थान के सीएफओ अभिजीत कुमार, डीन प्रो. बी. शरण, प्रो. नेमपाल सिंह, प्रो. डीपी सिंह, प्रो. शक्ति प्रकाश, प्रो. मनोज गर्ग, प्रो. विनोद कुमार और मीडिया प्रभारी प्रो. शरद माहेश्वरी ने सराहनीय योगदान दिया।
इस भव्य आयोजन ने न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच दिया, बल्कि टीम भावना और प्रतिस्पर्धात्मकता को भी बढ़ावा दिया।
