योगी सरकार की गो आधारित प्राकृतिक खेती से किसानों की बचत और विदेशी मुद्रा की बचत की उम्मीद
लखनऊ, 28 दिसंबर 2024 – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में गो आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात की और कहा कि इससे प्रति एकड़ किसान 10 से 12 हजार रुपये की बचत कर सकते हैं। उनका मानना है कि अगर प्रदेश के अधिकतर किसान इस खेती को अपनाते हैं, तो यह बड़ी आर्थिक बचत का कारण बन सकता है। गोमाता के संरक्षण से न केवल पैसे की बचत होती है, बल्कि जल, जमीन और इंसान की सेहत में भी स्थायी सुधार आता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती से उर्वरकों के आयात पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा भी बचाई जा सकती है, क्योंकि भारत की उर्वरकों की आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा आयात से होता है। भारत 2023-2024 में 2127 करोड़ रुपये का यूरिया आयात कर चुका है, और इसी तरह अन्य उर्वरकों का आयात भी जारी है।
गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश में किसानों की संख्या 2.78 करोड़ है और गोवंश की संख्या करीब दो करोड़ है। अगर हर किसान एक गाय पाले तो इससे कई समस्याओं का समाधान हो सकता है। प्राकृतिक खेती के विशेषज्ञों के अनुसार, एक गाय के गोबर और गोमूत्र से चार एकड़ जमीन पर खेती की जा सकती है।
योगी सरकार ने गो आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। इनमें गो आश्रय को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को तीन साल तक आर्थिक सहयोग देने की योजना शामिल है। इसके अलावा, प्रदेश में प्राकृतिक खेती के लिए विश्वविद्यालय खोलने की भी योजना है, ताकि किसान परंपरागत ज्ञान के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर सकें।
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