नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहली उड़ान की सफल लैंडिंग, 23 साल का सपना हुआ साकार
ग्रेटर नोएडा, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने आज इतिहास रचते हुए अपनी पहली उड़ान का स्वागत किया। दिल्ली से उड़ान भरने वाले विमान ने सफलता पूर्वक रनवे पर लैंडिंग की, जिसे वाटर कैनन सलामी देकर यादगार बनाया गया। यह क्षण न केवल तकनीकी सफलता का प्रतीक है, बल्कि 23 वर्षों से प्रतीक्षित सपने को साकार करने वाला ऐतिहासिक पल भी है।
एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डे की विशेषताएं
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का 3900 मीटर लंबा और 60 मीटर चौड़ा रनवे अत्याधुनिक तकनीक और कैट-1 व कैट-3 उपकरणों से लैस है। उन्नत लाइटिंग और मार्किंग सिस्टम के साथ इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम ने इस सफलता को सुनिश्चित किया। इस एयरपोर्ट पर विमान केवल 10 मिनट में दिल्ली से पहुंच सकता है।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
यह हवाई अड्डा न केवल दिल्ली-एनसीआर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए आर्थिक और पर्यटन विकास का नया द्वार खोलने जा रहा है। इसके माध्यम से गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़ और बुलंदशहर जैसे क्षेत्रों में निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
23 साल पुराने सपने को मिली उड़ान
2001 में जब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कल्पना की गई थी, तब कई बार परियोजना पर संकट के बादल मंडराए। सपा शासनकाल में इसे आगरा स्थानांतरित करने की भी योजना बनी थी। लेकिन 25 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शिलान्यास के बाद परियोजना ने तेजी पकड़ी, और आज यह सपना साकार हो गया।
ऐतिहासिक क्षण पर जश्न का माहौल
पहली उड़ान के लैंड होने के साथ पूरे उत्तर प्रदेश में उत्सव का माहौल है। इस एयरपोर्ट के शुभारंभ ने क्षेत्र के विकास और प्रगति की दिशा में एक नया अध्याय लिखा है।
