योग और स्वास्थ्य, पाचन/उदर – समूह के योगासन, बता रहे हैं योग गुरु ऋषि वशिष्ठ
☀पाचन/उदर – समूह के योगासन :
☀योग और स्वास्थ्य ☀
☀पाचन/उदर – समूह के योगासन : ☀
अभ्यास 2: – चक्र पादासन:
चरण 1:
प्रारम्भिक स्थिति में लेट जायें।
घुटने को सीधा रखते हुए, दाहिने पैर को जमीन से 5 सेन्टीमीटर ऊपर उठायें।
पूरे पैर को दाहिनी ओर से बायीं ओर घुमाते हुए बड़े-से-बड़ा वृत्त बनाते हुए दस बार घुमायें। पैर को घुमाते समय एड़ी का जमीन के साथ स्पर्श न होने दें। बायें पैर से इसकी पुनरावृत्ति करें। पहले दाहिनी ओर से बायीं ओर, फिर विपरीत दिशा में।
विपरीत दिशा में भी दस बार घुमायें।
अधिक जोर न लगायें।
उदर श्वसन द्वारा श्वास-प्रश्वास की गति सामान्य होने तक विश्राम करें।
चरण 2:
दोनों पैरों को एक साथ ऊपर उठाकर भी इस को दुहराया जा सकता है, किन्तु जोर न लगायें। ध्यान रहे इस अभ्यास में बहुत श्रम लगता है। पूरे अभ्यास के दौरान पैरों को सीधा और एक साथ रखें। दोनों पैरों को दाहिनी से बायीं ओर और फिर विपरीत दिशा में तीन से पाँच बार घुमायें। पैरों को घुमाते समय बड़े-से-बड़ा वृत्त बनायें।
श्वसन-
पैरों को ऊपर उठाते समय श्वास लें। पैरों को नीचे लाते समय श्वास छोड़ें।
सजगता-
पैरों को घुमाने, नितम्बों एवं उदर पर पड़ने वाले प्रभाव और पैरों की गति को श्वास-प्रश्वास के साथ समकालित करने पर।
सीमायें-
उच्च रक्तचाप अथवा पीठ की गम्भीर बीमारी, जैसे, सायटिका या स्लिप डिस्क के रोगी को यह अभ्यास नहीं करना चाहिए।
लाभ-
नितम्ब-सन्धियों, मोटापे तथा उदर एवं मेरुदण्ड की पेशियों की शक्ति बढ़ाने के लिए लाभप्रद।
☀ऋषि वशिष्ठ ☀
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