गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में “शोध में एआई का एकीकरण” पर दूसरे दिन का सत्र रहा ज्ञानवर्धक
ग्रेटर नोएडा, 4 दिसंबर 2024
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट द्वारा आयोजित दस दिवसीय आरएमसी (शोध कार्यशाला) का आज दूसरा दिन, “शोध में एआई का एकीकरण” विषय पर आधारित रहा। 3 से 13 दिसंबर तक चलने वाली इस कार्यशाला के दूसरे दिन ने गुणात्मक शोध की प्रमुख तकनीकों पर प्रतिभागियों को अद्वितीय अंतर्दृष्टि प्रदान की।
सत्र का नेतृत्व गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार के प्रतिष्ठित विद्वान और विशेषज्ञ डॉ. पंकज मदान ने किया। उनके मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने नृवंशविज्ञान, अवलोकन, फोकस समूह चर्चा (एफजीडी), और केस स्टडी जैसे गुणात्मक शोध के विभिन्न आयामों को समझा। डॉ. मदान ने इन तकनीकों के व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर जोर देते हुए बताया कि नृवंशविज्ञान किस प्रकार शोधकर्ताओं को संस्कृतियों और सामाजिक प्रथाओं को गहराई से समझने का अवसर देता है।
उन्होंने अवलोकन को एक शक्तिशाली उपकरण बताया, जो समृद्ध और संदर्भ-विशिष्ट डेटा एकत्र करने में सहायक होता है। साथ ही, फोकस समूह चर्चाओं की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला, जो विचारों की गहन और संवादात्मक खोज को प्रोत्साहित करती हैं। सत्र के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र हुआ, जहां डॉ. मदान ने प्रतिभागियों के सवालों के जवाब देते हुए गुणात्मक शोध के दौरान आने वाली चुनौतियों का समाधान सुझाया।
दोपहर के सत्र का नेतृत्व फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के प्रोफेसर राहुल प्रताप सिंह कौरव ने किया। उन्होंने “भविष्य के लिए तैयार शोध: सामाजिक विज्ञान में एआई उपकरणों का एकीकरण” विषय पर चर्चा की। उन्होंने एआई आधारित शोध तकनीकों के उपयोग और उनके प्रभाव पर प्रकाश डाला, जिससे छात्रों को शोध के आधुनिक आयामों को समझने का अवसर मिला।
प्रतिभागियों ने सत्र के दौरान विशेषज्ञों की चर्चाओं और व्यावहारिक अभ्यासों को सराहा। यह कार्यशाला न केवल गुणात्मक शोध पद्धतियों को गहराई से समझने का अवसर प्रदान कर रही है, बल्कि प्रतिभागियों को एक सहयोगी शिक्षण वातावरण में अपने कौशल निखारने का भी मंच दे रही है।
