गलगोटियाज विश्वविद्यालय में 12वें अंतर्राष्ट्रीय पुस्तकालय और सूचना सम्मेलन का भव्य समापन
ग्रेटर नोएडा: गलगोटियाज विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय “12वें अंतर्राष्ट्रीय पुस्तकालय और सूचना सम्मेलन” का समापन समारोह 1 दिसंबर 2024 को सफलतापूर्वक आयोजित हुआ। इस सम्मेलन में देश-विदेश से आए 300 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रमुख बिंदु:
मुख्य अतिथि:
समापन समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. रमेश सी. गौर (डीन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, संस्कृति मंत्रालय) ने विजयी प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
विदेशी प्रतिनिधियों की सराहना:
फ्रांस, जर्मनी, जापान, यूके, यूएसए, फिलीपींस, इंडोनेशिया, थाईलैंड और बांग्लादेश जैसे देशों से आए प्रतिनिधियों ने गलगोटियाज विश्वविद्यालय के आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट क्लासरूम और अत्याधुनिक लैब्स की प्रशंसा की।
प्रस्तुत शोध पत्र:
सम्मेलन में कुल 84 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। विजयी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
तकनीकी प्रगति और एआई पर चर्चा:
प्रो. लीचूकेयोंग (एनटीयू सिंगापुर) ने जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GenAI) के पुस्तकालयों में उपयोग और सीमाओं पर विचार साझा किए।
प्रो. जीन चार्ल्स लैमिरल (यूनिवर्सिटी ऑफ स्ट्रासबोर्ग, फ्रांस) ने पुस्तकालय सेवाओं में एआई उपकरणों की उपयोगिता पर ध्यान देने की बात कही।
डॉ. लियो एपलैनटोन (यूनिवर्सिटी ऑफ शेफील्ड, यूके) ने अकादमिक पुस्तकालयों के लिए AI और ओपन साइंस जैसे तकनीकी विकास को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सतत विकास लक्ष्यों की चर्चा:
इंडोनेशिया की डॉ. लाबीबाह जेन ने पुस्तकालय गतिविधियों में सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को शामिल करने की आवश्यकता बताई।
जापान की डॉ. साओरी डोंकाई ने डिमेंशिया फ्रेंडली लाइब्रेरियों की अवधारणा पर प्रकाश डाला।
पुस्तकालयों की सांस्कृतिक भूमिका:
अमेरिकन लाइब्रेरी एसोसिएशन की प्रेजिडेंट डॉ. एमिली ड्राबिंस्की ने पुस्तकालयों की भूमिका को सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण, साक्षरता विस्तार और सामाजिक जुड़ाव का माध्यम बताया।
गलगोटियाज विश्वविद्यालय का योगदान:
सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा, “डिजिटल युग में पुस्तकालय ज्ञान और सांस्कृतिक धरोहर का आधार हैं। हमारा उद्देश्य इन्हें तकनीकी रूप से और मजबूत बनाना है।”
समापन और आभार:
गलगोटियाज विश्वविद्यालय के लाइब्रेरियन डॉ. देबल सी. कार ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी की डिप्टी लाइब्रेरियन डॉ. माया देवी ने समापन के अवसर पर वोट ऑफ थैंक्स प्रस्तुत किया।
गलगोटियाज विश्वविद्यालय में यह सम्मेलन न केवल तकनीकी और सांस्कृतिक दृष्टि से सफल रहा, बल्कि पुस्तकालयों की नई संभावनाओं और चुनौतियों पर भी चर्चा का मंच प्रदान किया।
