संयुक्त किसान मोर्चा का महापड़ाव जारी, संविधान दिवस और किसान विजय दिवस मनाया, 1 दिसंबर तक महापड़ाव का ऐलान
ग्रेटर नोएडा, 26 नवंबर 2024 — संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण पर आयोजित विशाल किसान महापंचायत के दूसरे दिन धरना स्थल पर संविधान दिवस एवं संयुक्त किसान मोर्चा के दिल्ली आंदोलन की चौथी वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर महापड़ाव की अध्यक्षता तिलक देवी ने की, जबकि संचालन जगबीर नंबरदार ने किया। 26 नवंबर को संविधान दिवस के साथ-साथ किसान विजय दिवस भी मनाया गया, जो केंद्र सरकार द्वारा तीन काले कानूनों को वापस लेने के बाद किसानों की ऐतिहासिक जीत का प्रतीक है।
संयुक्त किसान मोर्चा के 10 घटक संगठनों ने अपनी पुरानी मांगों को दोहराते हुए 10% आबादी प्लॉट, नये भूमि अधिग्रहण कानून के सभी लाभों को लागू करने और हाई पावर कमेटी द्वारा दी गई सकारात्मक सिफारिशों को तुरंत लागू करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक ये मुद्दे हल नहीं होते, महापड़ाव जारी रहेगा।
इस महापड़ाव में किसानों के बीच सरकार के खिलाफ गहरी नाराजगी थी, खासकर गौतमबुद्धनगर में किसानों को 10% आबादी प्लॉट और मुआवजा लाभ से वंचित रखने को लेकर। नेताओं ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने गोरखपुर में बन रहे हाईवे के लिए चार गुना मुआवजा दिया, जबकि गौतमबुद्धनगर को इस लाभ से वंचित रखा। इसके अलावा, 10 साल से सर्किल रेट भी नहीं बढ़ाए गए हैं, जिससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है।
महापड़ाव 28 नवंबर को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से यमुना प्राधिकरण की ओर बढ़ेगा और वहां 1 दिसंबर तक रहेगा। 2 दिसंबर को दिल्ली कूच की तैयारी चल रही है। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने ऐलान किया कि यह लड़ाई आर-पार की होगी और वे जीत कर ही दम लेंगे।
इस आंदोलन में प्रमुख नेता जैसे डॉक्टर रुपेश वर्मा, सुखबीर खलीफा, पवन खटाना, सोरन प्रधान, डॉ. विकास, सुनील फौजी, अनिल तालान, अंशुमान ठाकुर, हरवीर नागर, जितेंद्र भाटी आदि शामिल थे। उन्होंने सरकार से 1 दिसंबर तक इस मुद्दे पर निर्णायक फैसला लेने की मांग की है, और कहा है कि जब तक जिले में न्याय स्थापित नहीं होता, शांति संभव नहीं है।
