नकली डीजीपी का खेल हुआ खत्म, हुआ गिरफ्तार, पुलिस अधिकारियों पर रौब गांठने का खुलासा
गाजियाबाद। पुलिस कमिश्नरेट ने एक फर्जी डीजीपी और उसके साथी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। एडिशनल सीपी दिनेश कुमार पी ने प्रेसवार्ता में बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान अनिल कातियाल और विवेक कपूर के रूप में हुई है।
अनिल कातियाल ने खुद को 1979 बैच का मणिपुर कैडर का आईपीएस अधिकारी और डीजीपी बताया था। उसने बड़े पुलिस अधिकारियों को सम्मोहित कर उनके अधीनस्थों पर जमकर रौब जमाया। यहां तक कि डीसीपी ट्रांस हिंडन के अधीन दो पुलिसकर्मियों को निलंबित करवाने में भी कामयाब हो गया।
चालाकी का अंत
आरोपी ने खुद को पूर्व डीजीपी, आईबी अधिकारी और एक सरकारी संस्थान में सिक्योरिटी हेड के रूप में पेश किया था। पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारी उसे पकड़ नहीं पाते, यदि उसने डीसीपी ट्रांस हिंडन के पीआरओ नीरज राठौर को हड़काने की गलती न की होती।
पुलिस जांच का दायरा बढ़ा
डीसीपी ट्रांस हिंडन के पीआरओ द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और इस शातिर अपराधी और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया। घटना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।
नकली डीजीपी का खेल खत्म
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना सिस्टम की सुरक्षा और सतर्कता की गंभीरता को उजागर करती है।
