काशी में “नमो घाट” का हुआ भव्य उद्घाटन, सीएम योगी ने किया काशी के विकास का बखान
वाराणसी, 15 नवंबर। काशी के ऐतिहासिक घाटों में एक और अद्वितीय जुड़ाव हुआ, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को ‘नमो घाट’ का उद्घाटन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने देव दीपावली के पर्व की बधाई देते हुए काशी के विकास के बारे में महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योगदान को खास तौर पर सराहा और बताया कि काशी अब एक नए रूप में सामने आई है, जहां विकास और विरासत का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
नमो घाट: काशी का सबसे लंबा और खूबसूरत घाट
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नमो घाट’ सिर्फ एक घाट नहीं, बल्कि काशी की एक नई पहचान है। पहले जहां यह क्षेत्र गंदगी और अंधेरे से घिरा हुआ था, वहीं अब यह एक आधुनिक और भव्य स्थल बन चुका है। इस घाट की लंबाई और सुंदरता इसे देश का सबसे लंबा और आकर्षक घाट बनाती है। उन्होंने यह भी बताया कि यहां जी 20 शिखर सम्मेलन और काशी तमिल संगमम जैसे बड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने काशी के बदलते स्वरूप पर भी प्रकाश डाला। पिछले दस वर्षों में काशी ने बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण सुधार देखे हैं, जिनमें सिक्स-लेन और चौड़ी सड़कों, विश्वनाथ धाम, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, और शानदार ट्रेन कनेक्टिविटी जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।
काशी को मिली वैश्विक पहचान
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि काशी अब सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में अपनी अनोखी पहचान बना चुकी है। काशी में 700 से अधिक सीएनजी से चलने वाली नावों के संचालन से पर्यावरण को भी फायदा हुआ है। उन्होंने काशी के विकास और उसकी संस्कृति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका की सराहना की।
देव दीपावली के मौके पर खास आयोजन
नमो घाट के उद्घाटन के साथ-साथ देव दीपावली का आनंद भी दोगुना हो गया। मुख्यमंत्री ने इस पर्व को देवताओं की दीपावली बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से देव दीपावली अब वैश्विक पहचान बना चुकी है। उद्घाटन समारोह के दौरान शंखनाद और डमरू वादन के बीच नमो घाट का शिलापट्ट अनावरण किया गया।
उप राष्ट्रपति और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी
समारोह में उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। इस दौरान सीएम योगी ने उप राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया, जबकि राज्यपाल ने उप राष्ट्रपति की पत्नी सुदेश धनखड़ का स्वागत किया।
पाँच दीपों से देव दीपावली की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत पांच दीप जलाकर की गई, जिसे काशी में देव दीपावली महोत्सव का शुभारंभ माना गया। इसके बाद ओडिशा और अन्य देशों के कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गईं।
नमो घाट का उद्घाटन काशी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा, जो न केवल काशीवासियों के लिए बल्कि देश और दुनिया के पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा।
