सीएम योगी की पहल से यूपी के गांवों में रोजगार की नई राह, 60 लाख परिवारों को मिला रोजगार
लखनऊ, 8 नवंबर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 60.17 लाख परिवारों को रोजगार से जोड़ा गया है, जिससे ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। खासतौर पर मनरेगा योजना के तहत सीएम योगी ने गांवों में रोजगार सृजन, महिलाओं के सशक्तिकरण और बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए कई योजनाओं को लागू किया है।
बस्ती जिला बना प्रदेश में नंबर 1
रोजगार सृजन में प्रदेश के बस्ती जिले ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। बस्ती में 1,95,717 मांगों के मुकाबले 1,95,714 परिवारों को रोजगार दिया गया, जिससे 79,40,929 मानव दिवस का सृजन हुआ। आजमगढ़ और जौनपुर ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निर्देश है कि मनरेगा के तहत अधिक से अधिक मानव दिवस सृजित किए जाएं ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपने गांव में ही रोजगार पा सकें।
महिला सशक्तिकरण में मनरेगा का बड़ा योगदान
मनरेगा योजना ने महिलाओं के सशक्तिकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब ग्रामीण महिलाएं इस योजना के तहत रोजगार प्राप्त कर आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो रही हैं और अपने परिवारों के लिए योगदान दे रही हैं। सरकार महिलाओं को विशेष अवसर प्रदान कर रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।
100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य
इस साल अब तक 1,00,371 परिवारों को मनरेगा के तहत 100 दिन का रोजगार दिया गया है। योगी सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक परिवारों को 100 दिनों का रोजगार मिले, जिससे उनकी आजीविका को स्थिर किया जा सके और वे आर्थिक रूप से सुरक्षित हो सकें।
ग्रामीण विकास के लिए बहुआयामी योजनाएं
मनरेगा केवल रोजगार सृजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें आवास, पेयजल, सिंचाई, सड़क निर्माण और पौधरोपण जैसी योजनाएं शामिल हैं। सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश के गांवों का ढांचा मजबूत हो रहा है और लोग रोजगार के साथ-साथ बेहतर बुनियादी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं।
योगी सरकार का यह प्रयास ग्रामीण क्षेत्र में एक नया उजाला लेकर आया है, जहां लोग रोजगार के साथ-साथ समग्र विकास और सशक्तिकरण के अवसरों का लाभ उठा रहे हैं।
