यमुना प्राधिकरण की नीलामी प्रक्रिया के खिलाफ इंडस्ट्रियल एंटरप्रेन्योर एसोसिएशन का विरोध, MSME उद्योगों के लिए भूखंड आवंटन में राहत की मांग
ग्रेटर नोएडा। इंडस्ट्रियल एंटरप्रेन्योर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अरुण वीर सिंह से मुलाकात कर औद्योगिक भूखंडों की नीलामी प्रक्रिया में बदलाव की मांग की। एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज सिंघल ने बताया कि नीलामी प्रक्रिया के चलते भूखंडों की कीमतें इतनी अधिक हो जाती हैं कि MSME क्षेत्र के उद्योगों के लिए अपने व्यवसाय चलाना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि नीलामी में ऊंचे दामों पर निवेशक भूखंड खरीद लेते हैं, जिससे वास्तविक उद्यमी किराए पर कार्य करने को मजबूर हो जाते हैं।
संस्था ने सुझाव दिया कि 4000 वर्ग मीटर तक के औद्योगिक भूखंडों को नीलामी प्रक्रिया से बाहर रखा जाए और इनके आवंटन के लिए ड्रॉ की व्यवस्था की जाए। संस्था के प्रतिनिधि नरेंद्र सोम ने कहा कि पुराने किरायेदार उद्योगों को ड्रॉ में प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि वे अपने व्यवसाय को और मजबूती से स्थापित कर सकें।
संस्था के प्रमोद झा ने कहा कि इस मुद्दे पर सभी प्राधिकरणों और जिला स्तर के अधिकारियों को मांग पत्र सौंपा जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई, तो वे अपनी मांगों को लेकर लखनऊ तक जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल में कार्यकारी अध्यक्ष मनोज सिंघल, महासचिव संजीव शर्मा, विशाल गोयल, पी एस मुखर्जी, गुरदीप सिंह तुली, नरेंद्र सोम, प्रमोद झा और शिसुपम त्यागी शामिल रहे।
