एकेटीयू में नासा सम्मेलन: 600 छात्रों की रचनात्मकता का जलवा
लखनऊ। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के वास्तुकला और योजना संकाय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स ऑफ आर्किटेक्चर (नासा) के 67वें जोनल सम्मेलन की शुरुआत शुक्रवार को हुई। इस सम्मेलन में सात राज्यों के 25 कॉलेजों के 600 से अधिक छात्रों ने अपनी रचनात्मकता को नए आयाम दिए। छात्रों ने क्ले मॉडल, सॉफ्टवेयर डिजाइनों, मूर्तिकला और विभिन्न प्रोजेक्ट्स के माध्यम से अपनी कलात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया।
डी 24 प्रतियोगिता और कहूट्स में नई चुनौतियां
सम्मेलन में छात्रों ने डी 24 और कहूट्स जैसे अनोखे प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। डी 24 प्रतियोगिता में, 23 टीमों ने 24 घंटे में दिए गए विभिन्न विषयों पर डिजाइन तैयार किए। छह-छह छात्रों की टीमों ने शिफ्ट में काम करते हुए अपनी कला को संजीवनी दी। इसी तरह, कहूट्स में प्रतिभागियों को 12 घंटे में रिवर फ्रंट पर कमर्शियल बिल्डिंग, मल्टीप्लेक्स, और पार्किंग एरिया जैसे मॉडल सॉफ्टवेयर पर बनाने की चुनौती मिली। इन प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन जूरी द्वारा किया जाएगा।
मूर्तिकला कार्यशाला में छात्रों की कलात्मकता का नजारा
मूर्तिकला पर आधारित कार्यशाला ने भी सम्मेलन में विशेष स्थान बनाया। यहां छात्रों ने क्ले से तत्काल मॉडल तैयार किए, जिन्हें देखकर सभी ने प्रशंसा की। रूबिन्स प्रतियोगिता में छात्रों ने अपने प्रोजेक्ट्स और मॉडल्स की प्रदर्शनी लगाकर अपनी अद्वितीय कल्पनाशीलता का परिचय दिया।
सस्टेनेबल आर्किटेक्चर पर विशेष मास्टर क्लास
दिल्ली से आए प्रख्यात आर्किटेक्ट मयंक मिश्रा ने सस्टेनेबल आर्किटेक्चर पर मास्टर क्लास आयोजित की। उन्होंने भवन निर्माण में प्राकृतिक संसाधनों के कम उपयोग के उपायों पर छात्रों को महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इको-फ्रेंडली निर्माण के लिए मिट्टी और सीमेंट की ईंटों का उपयोग कैसे लाभकारी हो सकता है।
सम्मेलन का संयोजन डॉ. आंजनेय शर्मा ने किया, और डॉ. फरहीन बानो, गिरीश पाण्डेय, धीरज यादव और रोहित परमार ने सहयोग प्रदान किया। इस सम्मेलन ने वास्तुकला छात्रों को उनकी रचनात्मकता को प्रदर्शित करने का एक व्यापक मंच प्रदान किया, जिससे आने वाले वास्तुकारों को प्रेरणा मिली।
