अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी निर्माण को लेकर आवंटन पत्र जारी करने की मिली हरी झंडी
ग्रेटर नोएडा । यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित होने वाली अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी परियोजना एक कदम और आगे बढ़ी है। विकासकर्ता कंपनी मेसर्स बेव्यू प्रोजेक्ट्स द्वारा लगाई गई आर्थिक बिड को उत्तर प्रदेश कैबिनेट से मंगलवार को मंजूरी मिल गई, कैबिनेट ने विकासकर्ता को लेटर ऑफ कंफर्स्ट यानी आवंटन पत्र निर्गत किए जाने का अनुमोदन प्रदान कर दिया है। उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास विभाग से कैबिनेट का आदेश जारी करने के बाद यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण आवंटन पत्र जारी कर देगा। आवंटन पत्र जारी होने पर विकासकर्ता को छह माह के अंदर फिल्म सिटी का निर्माण कार्य शुरू करना होगा। यमुना प्राधिकरण की तैयारी है कि लोकसभा चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी होने से पहले विकासकर्ता को जमीन पर कब्जा दे दिया जाए। हालांकि फिल्म सिटी का शिलान्यास अब लोकसभा चुनाव के बाद होने की उम्मीद है। बोनी कपूर और भूटानी ग्रुप की कंपनी मेसर्स बेव्यू प्रोजेक्ट्स द्वारा सबसे ज्यादा राजस्व की बोली लगाए जाने पर फिल्म सिटी निर्माण को लेकर लगाए जाने पर फिल्म सिटी निर्माण को लेकर विकासकर्ता का चयन किया गया था । आर्थिक बिड कमेटी ऑफ सेक्रेटरीज की मंजूरी मिलने के बाद संबंधित कैबिनेट बैठक में रखा गया । विकासकर्ता कंपनी को इस सप्ताह तक आवंटन पत्र जारी कर दिया जाएगा । यीडा सिटी के सेक्टर- 21 में 1000 एकड़ में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी का प्रथम चरण 230 एकड़ में विकसित किया जाना है। जिस पर करीब 1510 करोड़ रूपए खर्च होने का अनुमान है। बोनी कपूर की कंपनी बेव्यू प्रोजेक्ट्स ने भूटानी ग्रुप के साथ
मिलकर 18 फीसदी रेवेन्यू शेयरिंग की बोली लगाकर विकासकर्ता कंपनी का अधिकार प्राप्त कर लिया है। परियोजना के मूर्तरूप लेने के आठ साल बाद कमाई का 18 फीसदी हिस्सा प्राधिकरण को देना होगा। प्रथम चरण की परियोजना को सात जोनों में बांटकर विकसित किया जाना है। आर्थिक बिड निकलने के बाद परियोजना से संबंधित रिपोर्ट लखनऊ में हुई कमेटी ऑफ सेक्रेटरीज की बैठक में रखा गया, जिसे मंजूरी मिल गई । इसके बाद उत्तर प्रदेश कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद फिल्म सिटी परियोजना के निर्माण का सभी रास्ता साफ हो गया। यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉक्टर अरूणवीर सिंह का कहना है कि कैबिनेट का आदेश मिलने के बाद विकासकर्ता कंपनी को वर्क ऑफआवर्ड जारी कर दिया जाएगा। प्राधिकरण फेस-एक 230 एकड़ जमीन पर पहले ही कब्जा ले चुका है। जमीन पर अवैध निर्माण रोकने के लिए पिलर लगाने का काम भी शुरू हो गया है।
