योग और स्वास्थ्य , कोहनी शक्ति विकासक: कोहनी की मजबूती के लिए आवश्यक व्यायाम , बता रहे हैं योग गुरु ऋषि वशिष्ठ
कोहनी हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो हमारे दैनिक जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कोहनी की मजबूती से हमारे शरीर की स्थिरता और संतुलन बना रहता है। कोहनी शक्ति विकासक व्यायाम करने से हम अपने कोहनी को मजबूत और लचीला बना सकते हैं।
कोहनी शक्ति विकासक व्यायाम के फायदे –
1. कोहनी की मजबूती बढ़ती है
2. कोहनी के दर्द से राहत मिलती है
3. रक्त संचार में सुधार होता है
4. मानसिक तनाव कम होता है
5. नींद में सुधार होता है
6. कोहनी की लचीलापन बढ़ती है
7. कोहनी के अकड़न से राहत मिलती है
कोहनी शक्ति विकासक व्यायाम के तरीके –
1. कोहनी की मोड़: कोहनी को मोड़कर आगे और पीछे ले जाएं।
2. कोहनी की स्ट्रेचिंग: कोहनी को आगे और पीछे खींचकर स्ट्रेच करें।
3. कोहनी की रोटेशन: कोहनी को घुमाकर एक तरफ से दूसरी तरफ ले जाएं।
4. कोहनी की लिफ्ट: कोहनी को ऊपर और नीचे ले जाएं।
5. कोहनी की एक्सटेंशन: कोहनी को सीधा करके आगे और पीछे ले जाएं।
कोहनी शक्ति विकासक व्यायाम के लिए आवश्यक सावधानियां –
1. कोहनी के व्यायाम धीरे-धीरे करें।
2. कोहनी के व्यायाम करते समय पीठ सीधी रखें।
3. कोहनी के व्यायाम करते समय कोहनी को ज्यादा नहीं झुकाएं।
4. कोहनी के व्यायाम करते समय कोहनी को ज्यादा नहीं घुमाएं।
5. कोहनी के व्यायाम करने से पहले गर्म उप करें।
कोहनी शक्ति विकासक व्यायाम के लिए आवश्यक मुद्रा –
1. सीधे बैठें या खड़े हों।
2. कोहनी को आराम से रखें।
3. हाथों को आराम से रखें।
4. कोहनी के व्यायाम करते समय आंखें बंद करें।
5. कोहनी के व्यायाम करते समय साँसों को नियंत्रित करें।
निष्कर्ष:
कोहनी शक्ति विकासक व्यायाम हमारे शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। कोहनी के व्यायाम करने से हम अपने कोहनी को मजबूत और लचीला बना सकते हैं। कोहनी के व्यायाम करते समय आवश्यक सावधानियां और मुद्रा का पालन करें।
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