श्री धार्मिक रामलीला सेक्टर पाई रामलीला मंचन : श्री राम ने खंडित किया शिव धनुष, माता सीता ने डाली वरमाला, भावविभोर हुए दर्शक
ग्रेटर नोएडा, 7 अक्टूबर 2024 : श्री धार्मिक रामलीला कमेटी के तत्वावधान में सेक्टर पाई स्थित ऐच्छर रामलीला मैदान में रामलीला का मंचन राजस्थान के सर्वश्रेष्ठ कलाकारों द्वारा किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का निर्देशन गोस्वामी सुशील जी महाराज के नेतृत्व में किया जा रहा है। आज की लीला का शुभारंभ गणेश पूजन के साथ हुआ, जिसके बाद सीता स्वयंवर का अद्भुत मंचन प्रस्तुत किया गया।

मुख्य अतिथि, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री औद्योगिक विकास और संसदीय कार्य जसवंत सैनी , और विधान परिषद सदस्य एवं पूर्व मंत्री अशोक कटारिया जी ने दीप प्रज्वलित कर लीला का आरंभ किया।

रामलीला में जनकपुरी के दृश्य को बखूबी प्रस्तुत किया गया, जहां राजा जनक ने सीता स्वयंवर की घोषणा की थी। शिव धनुष को उठाने के प्रयास में सभी राजाओं की असफलता ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस पर राजा जनक की निराशा और लक्ष्मण के क्रोधी संवाद ने सभी का ध्यान खींचा। भगवान राम ने गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से धनुष उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाई, जिससे धनुष टूट गया और इसकी प्रचंड ध्वनि से परशुराम की तपस्या भंग हो गई।
धनुष टूटने पर परशुराम का आगमन और उनके एवं लक्ष्मण के बीच संवाद ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भगवान राम के बीच-बचाव से परशुराम ने भगवान राम की पहचान की और अपनी धनुष उन्हें सौंप दी। इसके बाद जनकपुरी में चारों भाइयों का विवाह बड़ी धूमधाम से संपन्न हुआ।
अयोध्या लौटने पर भगवान राम के युवराज बनाए जाने की घोषणा ने भी दर्शकों को प्रसन्न किया, लेकिन मंथरा के बहकावे में आकर कैकयी ने राम को वनवास और भरत के लिए राज्य की मांग कर दी, जिससे दशरथ विवश हो गए। इस दृश्य ने अयोध्या वासियों की पीड़ा और भगवान राम के प्रति उनके प्रेम को गहराई से उकेरा, जिससे सभी दर्शकों की आंखें नम हो गईं।
इस अवसर पर गोस्वामी सुशील जी महाराज, राजकुमार नागर, पंडित प्रदीप शर्मा, शेर सिंह भाटी, संरक्षक हरवीर मावी, नरेश गुप्ता, सुशील नागर, बालकिशन सफीपुर, सतीश भाटी, यशपाल भाटी, अध्यक्ष आनंद भाटी, महासचिव ममता तिवारी, कोषाध्यक्ष अजय नागर, मिडिया प्रभारी धीरेंद्र भाटी सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।
रामलीला के इन अद्भुत मंचनों और सनातन संस्कृति के साथ आधुनिक ध्वनि एवं प्रकाश तकनीक के मिश्रण ने आज सभी भक्तों को भावविभोर कर दिया। सभी ने इस पावन लीला का आनंद लेते हुए अपने जीवन को धन्य माना।
