बीटा-1 में करंट से नंदी की मौत: एनपीसीएल व प्राधिकरण की लापरवाही पर उठे सवाल, समाजसेवी हरेंद्र भाटी ने जताया गहरा दुःख
ग्रेटर नोएडा: सेक्टर बीटा-1 में करंट से एक नंदी की दर्दनाक मौत ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। इस घटना के बाद नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (एनपीसीएल) और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के इलेक्ट्रिशन विभाग की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। समाजसेवी हरेंद्र भाटी ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे प्रशासन की घोर अनदेखी का परिणाम बताया है।
हरेंद्र भाटी ने कहा, “हम पिछले कई महीनों से एनपीसीएल और प्राधिकरण को लगातार शिकायत कर रहे थे कि यहां करंट का खतरा है, कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई और आज यह हादसा हो गया। पहले भी बेजुबान इस लापरवाही का शिकार हुए हैं। ”
नंदी की यह मौत तब हुई जब वह खुले में घूमते हुए अचानक जमीन से आए करंट के संपर्क में आ गया। स्थानीय लोगों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी जान जा चुकी थी। इस घटना ने एक बार फिर इलाके में बिजली की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
“यह सिर्फ एक नंदी की मौत नहीं है, बल्कि हमारे सिस्टम की असफलता का प्रमाण है,” हरेंद्र भाटी ने आगे कहा। “अगर समय पर कार्रवाई की जाती, तो आज यह बेजुबान जानवर जिंदा होता। हम इस मामले की गहन जांच की मांग करते हैं और जब तक दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होती, हम चुप नहीं बैठेंगे।”
स्थानीय लोग इस घटना के बाद से बेहद नाराज हैं और एनपीसीएल व प्राधिकरण की लापरवाही के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि इलाके में करंट की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे अब जानवर और इंसान दोनों की जान जोखिम में है।
सवाल यह है कि क्या एनपीसीएल और प्राधिकरण की इस लापरवाही को लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे, या फिर यह मामला भी जांच की फाइलों में ही दब जाएगा?
