ज्यूरिख एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से लैस होगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
उत्तर प्रदेश को प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर रखने की दिशा में कार्यरत प्रदेश सरकार ने प्रदेश में नई शक्ति के साथ लंबित परियोजनाओं पर कार्य करना शुरू कर दिया है। इस क्रम में सीएम योगी की मंशा अनुरूप प्रदेश को वर्ल्ड क्लास सिविल एविएशन फैसिलिटीज का हव बनाने के लिए कार्ययोजनाओं को क्रियान्वित किया जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि नोएडा के जेवर एयरपोर्ट को स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है जिससे कि इसकी पैसेंजर व फ्लाइट हैंडलिंग केपेबिलिटीज को विश्वस्तरीय बनाया जा सके।
जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के पहले ॉजिट हब के तौर पर विकसित किया जा रहा है। एशिया पैसेफिक ट्रॉजिट हब के तौर पर भी इसके विकास की योजना पर कार्य हो रहा है जबकि देश में अभी किसी भी एयरपोर्ट पर ऐसा ट्रांजिट हब नहीं है। इसके अतिरिक्त, जेवर एयरपोर्ट में हैंडलिंग स्टाफब कंसल्टेंट की नियुक्ति समेत लाइसेंसिंग, ऑपरेटिंग व मैनेजिंग प्रक्रियाओं को भी ई-निविदा प्रक्रिया के जरिए गति प्रदान की जा रही है। जेबर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास व ऑपरेशंस को पूर्ण करने का जिम्मा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एनआईएएल) के पास है जिसका गठन वर्ष 2018 में हुआ था। वहीं, नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा), ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (ग्रेनो) तथा यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा एयरपोर्ट के आस-पास आधारभूत अवसंरचनाओं के विकास समेत तमाम परियोजनाओं को गति दी जा रही है।
वहीं, यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएपीएल) उत्तर प्रदेश व केंद्र सरकार के मानकों अनुरूप यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विकास सुनिश्चित कर रही है। इस क्रम में, एनआईएएल व औद्योगिक विकास प्राधिकरणों द्वारा विकास की परियोजनाओं को पूर्ण करने के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) तथा रिक्वेस्ट फॉर कोटेशन (आरएफक्यू) जैसी प्रक्रियाओं के जरिए आवेदन मगि जा रहे हैं। जेवर एयरपोर्ट के समेकित विकास को लेकर सीएम योगी की मंशा अनुरूप एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई थी जिसको तेजी से धरातल पर उतारने के प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। इस क्रम में, वाईआईएपीएल द्वारा ई-निविदा में आरएफपी माध्यम से कन्सल्टेंट एजेंसी के लिए आवेदन मांगे गए है। यह प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप के तौर पर कार्य करेगा जिससे प्रोजेक्ट गवर्नेस के लिए समग्र परियोजना प्रबंधन, परियोजना प्रशासन संरचना के विकास व व्यापक प्रक्रिया को पूर्ण करने का दायित्व दिया जाएगा।
नोएडा एयरपोर्ट फेस-दो के लिए सरकार ने जारी किया 1296 करोड़
ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए अधिग्रहित की जा रही छह गांवों की जमीन से प्रभावित किसानों को अब तक 90 फीसदी से ज्यादा मुआवजा वितरित किया जा चुका है। जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसानों के विस्थापन पुर्नवास के लिए जमीन खरीदने के लिए प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने 1296 करोड़ जारी कर दिया है। जबकि यमुना प्राधिकरण अपनी अंशधारित का 162 करोड़ 32 लाख रूपए जारी कर चुका है। अब नोएडा और ग्रेटर नोएडा और नोएडा प्राधिकरण को अपनी अंशधारिता का पैसा जारी करना है। फेस-दो में पुर्नवास व विस्थापन से प्रभावित किसानों को मॉडलपुर और फ्लैदा बांगर में विस्थापित किया जाएगा। फेस दो में एयरपोर्ट के विस्तार के तहत एविएशन हब, लॉजिस्टिक पार्क आदि विकसित किया जाएगा। वहीं विस्थापित हो रहे तीन गांवों के किसानों को बसाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। दरअसल नोएडा एयरपोर्ट के विस्तार के तहत फेस-1 दूसरे चरण के लिए रन्हेरा, कुरैव करौली बांगर, दयानतपुर, वीरमपुर व मुढरह गांव की 1181 2793 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जा रही है।
