YAMUNA AUTHORITY में विवादित दो प्रबंधकों गाज, संपत्ति विभाग से हटाए गए
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के संपत्ति विभाग तैनात दो प्रबंधक के खिलाफ लगातार शिकायत मिल रही थी। दोनों प्रबंधक को सीईओ ने कई बार चेतावनी दी लेकिन उनकी कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया। सोमवार को सीईओ कड़ा फैसला लेते हुए दोनों प्रबंधक को संपत्ति विभाग से हटाकर सीआर से संबद्ध कर दिया है। राजनीतिक पहुंच रखने वाले दोनों प्रबंधको हटाए जाने से पूरे प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मची हुई है। यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरूणवीर सिंह ने सोमवार को सभी विभाग की समीक्षा को लेकर अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ
बैठक की। बैठक शुरू होते ही सीईओ ने ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों पर तुरंत एक्शन लेते हुए जिनके कारण प्राधिकरण की छवि खराब हो रही है। सीईओ ने ऐसे अधिकारी और कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा जिनके खिलाफ लगातार शिकायत मिल रही है। शिकायतों की जांच भी कराई गई जिसमें पाया गया कि संपत्ति विभाग जितनी शिकायत मिली वह सही पाया गया। सीईओ ने तुरंत संपत्ति विभाग में तैनात योगेश भाटी और संदीप तिवारी को तुरंत हटाने का आदेश जारी किया। दोनों प्रबंधक को संपत्ति विभाग से हटाकर सीआर सेल से संबद्ध कर दिया गया है। हटाए गए दोनों प्रबंध एजेंसी के माध्यम से प्राधिकरण में लंबे समय से तैनात है। दोनों भाजपा के दो नेताओं के परिवार से संबंध रखते है । समीक्षा के दौरान सीईओ ने सभी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी कि अगर किसी के खिलाफकोई शिकायत मिलती है उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कई अधिकारियों और कर्मचारियों को एक सप्ताह के अंदर कार्यशैली में सुधार लाने की चेतावनी दी है। प्राधिकरण के इस फैसले से प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मची हुई है।
