गौतम बुद्ध नगर की जेल में हाई सिक्योरिटी बैरक में शिफ्ट हुआ एल्विस
-पिता से मिलकर भावुक हुआ एल्विस ,मां की सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
– सामर्थ को और विरोधियों में सोशल मीडिया पर छीड़ी जंग, आज अधिवक्ता कर सकते हैं जमानत याचिका कोर्ट में दाखिल
नोएडा । रेव पार्टी आयोजित करने और उसमें सांपों का जहर सप्लाई करने के मामले में गिरफ्तार यू-ट्यूबर एल्विस यादव को गौतम बुद्ध नगर जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में आज ट्रांसफर किया गया है। रविवार को गिरफ्तारी के बाद उन्हें क्वॉरेंटाइन बैरक में रखा गया था। वही गिरफ्तारी के बाद सोमवार को एल्विश के पिता ने उससे जेल में जाकर मुलाकात की। इस दौरान एल्विस भावुक हो गया, जबकि एल्विस की मां की एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी एल्विश के समर्थको और पुलिस के पक्षकारो मे जंग छिड़ी हुई है।
जेल सुपरिंटेंडेंट अरुण कुमार सिंह ने बताया कि एल्विस की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे जेल में बनी अति सुरक्षित बैरक में रखा गया है। उन्होंने बताया कि उक्त बैरक में पूर्व से तीन अन्य लोग बंद है, जो अन्य जनपदों से ट्रांसफर होकर नोएडा कारागार में आए हैं। वहीं एल्विश की गिरफ्तारी के बाद उसके समर्थकों और अन्य लोगों में सोशल मीडिया पर जंग छिड़ हुआ है। एलबीएस के वकील आज उसकी जमानत की याचिका न्यायालय में डालने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि कल एल्विश के पिता सहित तीन लोगों ने उससे जेल में जाकर मुलाकात की।
जनपद गौतम बुद्ध नगर जेल के सुपरिंटेंडेंट ने बताया कि सोमवार दोपहर एल्विश के पिता राम अवतार यादव अपने बेटे से मिलने के लिए जेल पर आए। राम अवतार की उनके बेटे से मुलाकात कराई गई । दोनों के बीच काफी देर तक बात होती रही। बताया जा रहा है कि इस दौरान एल्विश अपने पिता से मिलकर भावुक हो गया। काफी देर तक वह भीगी पलकों से पिता को निहारता रहा। इस दौरान अधिवक्ता भी उनके साथ थे।
वही सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक महिला रो रही है। महिला एल्विश की मां बताई जा रही है। सोशल मीडिया के विविध प्लेटफार्म पर वायरल हुई वीडियो में महिला को ढांढस बंधाते हुए कुछ लोग टिप्पणी कर रहे हैं। वहीं एल्विश के समर्थकों का एक धड़ा उसके पुराने वीडियो को वायरल कर रहा है जिसमें वह बिग बॉस की ट्राफी के साथ दिख रहा है। हालांकि एल्विश की गिरफ्तारी पर फिल्मी सितारों ने अभी तक चुप्पी साधी हुई है।
एल्विश की गिरफ्तारी के बाद उसके विरोधी और समर्थक सोशल मीडिया पर आमने-सामने आ गए हैं। विरोधी जहां नोएडा पुलिस की गिरफ्तारी की प्रशंसा कर रहे हैं,वहीं समर्थक गिरफ्तारी को सुनियोजित साजिश करार दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर मीम की बाढ़ आ गई है। लोग इसपर तरह-तरह की टिप्पणी कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि नोएडा पुलिस ने आचार संहिता लगते ही एल्विश का सिस्टम हैंग करने के साथ ही फेल भी कर दिया है।
नोएडा पुलिस के अधिकारियों के अनुसार एल्विश के खिलाफ मिले साक्ष्यों और सबूतों का संकलन पुलिस ने पहले से ही कर लिया था। एफएसएल रिपोर्ट भी पुलिस साथ ले गई। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत देश भर में दर्ज केस का भी पुलिस की टीम ने अध्ययन कर लिया था। कोर्ट में यही केस की ताकत बना। जब पुलिस की टीम एल्विश यादव को लेकर सूरजपुर कोर्ट पहुंची और वहां अपना पक्ष रखा तो एल्विश के वकील का तर्क काम नहीं आया। पुलिस ने सभी साक्ष्यों और एफएसएल रिपोर्ट को कोर्ट के सामने रखकर अपील की थी कि एल्विश यादव का बाहर रहना वन्य जीव के लिए खतरनाक है। बाहर रहकर यह साक्ष्यों के साथ खिलवाड़ भी कर सकता है। उसपर पुलिस ने मूल कर्तव्यों का पालन न करने का भी आरोप लगाया। पूरे साक्ष्यों को देखने और पुलिस की दलीलें सुनने के बाद एल्विश को जेल भेजा गया।
एल्विश से पूछताछ के लिए पुलिस ने 150 सवालों की सूची बनाई थी। 75 से अधिक सवाल सूची के बाहर से भी पूछे गए। पुलिस चौकी पर पूछताछ के दौरान जैसे ही अधिकारियों ने उससे सांपों के जहर की रेव पार्टियों में सप्लाई करने के मामले में उसकी संलिप्तता पर बात की वह एकदम शांत हो गया और कहा कि उसे इस बारे में कुछ भी नहीं बोलना है। एल्विश ज्यादातर सवालों का जवाब हां और ना में देता रहा। पुलिस ने पीएफए केस से जुड़े चार सपेरों व उसके साथी राहुल यादव से संबंध में सवाल किए। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल हुए सांपों के साथ कई वीडियो को लेकर भी सवाल पूछे। हालांकि वह इस दौरान सवालों को टालता रहा और पुलिस का इसमें सहयोग नहीं किया।
एल्विश से जब पहली बार पूछताछ हुई थी तो उसने बताया था कि जिस वीडियो में वह सांपों के साथ खेल रहा है वह सिंगर फाजिलपुरिया की ओर से दी गई पार्टी की है। केस में पुलिस ने फाजिलपुरिया और एल्विश के वीडियो को ही आधार बनाया। जिसमें दोनों ही सांप के साथ है। एल्विश पहले ही बता चुका है ये वीडियो फाजिलपुरिया के शूट का है। इसलिए फाजिलपुरिया को समन जारी कर उसे पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। इसके साफ संकेत मिल रहे है। ये चेन काफी लंबी हो सकती है। इसलिए पुलिस संभल कर काम कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि एल्विश को रिमांड पर लेने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।
27- ए की जो धारा एल्विश के ऊपर लगी है,उससे छुटकारा पाना इतना आसान नहीं है। शाहरूख खान के बेटे और फिल्म अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती समेत करीब 20 सितारे हाल के वर्षों में इसी धारा की चपेट में आए हैं। इन सितारों को भले ही बाद में क्लीन चिट मिली पर धारा लगने के बाद इन्हें महीनों सलाखों के पीछे रहना पड़ा। एनडीपीएस की धारा की बढ़ोत्तरी के लिए नोएडा पुलिस ने लंबा होमवर्क किया हुआ था। अब यह अधिवक्ताओं की बहस पर निर्भर करेगा कि वह एल्विश को कितनी राहत दिला सकते हैं।
बिग बॉस के विजेता एल्विश यादव समेत 6 लोगों के खिलाफ कोतवाली सेक्टर 49 में पीपुल्स फॉर एनिमल संस्था के पदाधिकारी गौरव गुप्ता ने सांपों के जहर सप्लाई करने के मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद इस मामले में पुलिस ने चार सपेरे और एक अन्य को गिरफ्तार किया था। अब इस मामले में पुलिस ने एल्विश यादव को रविवार को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले की जांच अब थाना सेक्टर 20 पुलिस कर रही है।
जनपद दीवानी और फौजदारी बार एसोसिएशन गौतमबुद्धनगर द्वारा जारी किए गए एक लेटर के मुताबिक 18 मार्च को बार एसोसिएशन की एक कार्यकारिणी मीटिंग हुई। इसमें प्रस्ताव पारित करते हुए बताया गया है कि साथी अधिवक्ता के पुत्र के साथ हुई घटना को लेकर दनकौर पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया है। इसके चलते अधिवक्ताओं में काफी रोष है। पुलिस के इस कृत्य की अधिवक्ताओं ने निंदा की। पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर रोष व्यक्त करते हुए अधिवक्ता 18 मार्च को पूरे दिन न्यायिक कार्य नहीं करेंगे। यह लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। लेटर को सैकड़ों लोगों ने साझा कर इसपर टिप्पणी की है।
एल्विश यादव एक मशहूर यूट्यूबर हैं। वह यूट्यूब चैनल पर कॉमेडी वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया के विविध प्लेटफॉर्म पर साझा करता है। उसके यूट्यूबर पर 14.2 मिलियन के करीब सब्सक्राइबर हैं। 29 अप्रैल 2016 को उसने यूट्यूब की दुनिया में कदम रखा था। बिग बॉस ओटीटी-2 की ट्रॉफी जीतने के बाद उसकी लोकप्रियता काफी बढ़ गई। उसके ज्यादातर फॉलोअर 16 साल के किशोर से लेकर 30 साल तक के युवा हैं।
