यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा मे धांधली के मामले में वायु सेवा से बर्खास्त व्यक्ति को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार
नोएडा : यूपी एसटीएफ नोएडा यूनिट ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा का पेपर लीक कराने के मामले में नोएडा में बड़ी कार्रवाई की है। एसटीएफ की टीम ने नोएडा के सेक्टर 37 स्थित अरुण विहार कॉलोनी में रहने वाले वायु सेवा से बर्खास्त एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इसकी गिरफ्तारी उस समय हुई जब यह दिल्ली के मुखर्जी नगर में था। उसके पास से एक फर्जी आधार कार्ड, एक असली आधार कार्ड, एक वायुसेना की आइडी का फर्जी कार्ड, 26 एडमिट कार्ड, 38 बैंक चेक, चार चेकबुक, 14 पेज पुलिस भर्ती से संबंधित, दो डायरी, दो मोबाइल फोन और 500 रुपये बरामद हुए हैं।
उत्तर प्रदेश एसटीएफ नोएडा यूनिटी के एसपी राजकुमार मिश्रा बताया कि उत्तर प्रदेश में 17 व 18 फरवरी को यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ द्वारा पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा आयोजित कराई गई थी। जिसका पेपर लीक होने के चलते परीक्षा निरस्त हो गई। पेपर लीक करवाने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई चल रही है। बीते मंगलवार को सूचना मिली कि पेपर लिक करवाने के मामले में झांसी में पकड़े गए गैंग का सरगना दिल्ली के मुखर्जी नगर में है। सूचना को पुख्ता कर टीम ने आरोपित को मुखर्जी नगर से पकड़ लिया। पकड़े जाने पर उसने अपना नाम प्रमाेद कुमार पाठक बताया। आरोपी ने वायुसेना का आइडी कार्ड दिखाया और कहा कि वह अवकाश पर है और अन्य परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुखर्जी नगर आया हुआ है।
उन्होंने बताया कि हिरासत में लिए गए आरोपी को पूछताछ के लिए नोएडा कार्यालय लाया गया। उन्होंने बताया कि उसका मोबाइल फोन चेक करने पर पता चला कि वाट्सएप पर अधिकतर चैट डिलीट कर दी गई थीं। शुरुआत में वह खुद को निर्दोष बताता रहा। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान कुछ चैट के माध्यम से पेपर लीक करने संबंधी जानकारी मिली। आरोपित ने बताया कि वह वायुसेना में कारपोरल के पद पर कार्यरत था, लेकिन वर्ष 2022 में बर्खास्त हो गया और नोएडा के सेक्टर-37 स्थित अरुण विहार में रहता है। उसने वायुसेना के असली कार्ड का डुप्लीकेट कार्ड बनवा रखा है और पेपर लीक करके देने की एवज में वह तीन से 15 लाख रुपये तक वसूलता है।
एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि उसका चचेरा साला मोहन उर्फ मोना निवासी जनपद अलीगढ़ खैर है। वह झांसी में दर्ज मुकदमे में वांछित मोनू पंडित, गौरव, आशीष पालीवाल, अतुल पालीवाल के साथ मिलकर पेपर लीक कराने अथवा वास्तविक अभ्यर्थी के स्थान पर सोल्वर बैठाने का काम करते हैं। गौरव, आशीष, अतुल और माेनू पंडित की बनारस, झांसी, अलीगढ़ और बरेली में भी लैब हैं। यूपी पुलिस के पेपर के संबंध में पूछा तो बताया कि उसके और मोनू के पास पेपर बनारस के अखिलेश यादव और लखनऊ के राहुल ने भेजा था। इसके बाद आरोपित के घर पर छापेमारी की। जहां से महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य बरामद किए।
