आईआईएमटी में स्टेट लार्जेस्ट क्लाइमेट क्लॉक असेंबल एण्ड डिस्प्ले इवेंट का आयोजन
आईआईएमटी में छात्रों ने स्टेट लार्जेस्ट क्लाइमेट क्लॉक असेंबल एण्ड डिस्प्ले इवेंट प्रतियोगिता में भाग लिया
(ग्रेटर नोएडा) शहर के नॉलेज पार्क स्थित आईआईएमटी कॉलेज समूह में स्टेट लार्जेस्ट क्लाइमेट क्लॉक असेंबल एण्ड डिस्प्ले इवेंट का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में जिला मुख्य विकास अधिकारी जनार्धन सिंह ने आईआईएमटी कॉलेज समूह के प्रबंध निदेशक डॉ. मयंक अग्रवाल के साथ दीपप्रज्वलित कर प्रोग्राम की शुरूआत की । यह आयोजन सोलर मैन ऑफ इंडिया के नाम से प्रसिद्ध आईआईटी मुंबई के प्रोफेसर चेतन सिंह सोलंकी के एनजीओ एनर्जी स्वराज और स्विचऑन के सहयोग से किया गया। इस कार्यक्रम में दिल्ली-एनसीआर के 49 स्कूलों के 265 छात्र-छात्रों ने भाग लिया। इस दौरान छात्रों को क्लॉक के कुछ पुर्जे दिए गए और उन्हें असेंबल करने के निर्देश दिए गए। बच्चों ने बड़ी कुशलता से क्लॉक और डिस्पले को आपस में तुरंत कनेंक्ट कर दिया।
क्या है क्लाइमेट क्लॉकः पूरी दुनिया का तापमान और उत्सर्जन को लेकर एक डाटा तैयार किया जा रहा है। ऐसे में यह क्लाइमेट क्लॉक हमें इस बात को बताता रहेगा कि ग्लोबल वार्मिग तक पहुंचे में कितान समय बचा है। अगले कुछ सालों में धरती का तापमान इतना बढ़ जाएगा कि जिसका सीधा असर हमारे जीवन और पर्यावरण पर पड़ेगा। 2030 तक यह सब कुछ होने वाला है ऐसे में जो तय शुदा वक्त आने पर यह घड़ी बंद हो जाएगी। वहीं कार्यक्रम में कॉलेज समूह के एमडी डॉ. मयंक अग्रवाल ने कहा कि हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि साल में एक पौधा जरूर लाएं साथ ही उसकी देखभाल भी करें जिसे कि आने वाली पीढ़ी को एक स्वच्छ वातावरण दें। दूसरी तरफ एनर्जी स्वराज फाउंडेशन के सदस्य सचिन कुमार ने कहा कि इस फाउंडेशन की स्थापना आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर चेतन सोलंकी ने की है। उन्होंने बताया कि यह घड़ी धरती के तापमान के औसत तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने से पहले हमारे पास कितना समय बचा है। दुनिया की एक बड़ी आबादी ऐसी है पूरी तरह से जलवायु परिवर्तन के खतरों से अनजान है। जलवायु परिवर्तन एक बड़ा खतरा इस खतरे को आने में कितना समय बचा है यह जानना हम सभी के लिए जरूरी है, इसलिए इस क्लाइमेट क्लॉक को लॉच्न किया गया है। प्रोग्राम के अंत में प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी छात्रों को को सर्टिफिकेट दिए गए। इस मौके पर कॉलेज के सभी डॉयरेक्टर, डीन और एचओडी मौजूद रहे।
