श्री राधा कृष्ण प्रचार मंडल द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा करते आचार्य अतुल कृष्ण जी महाराज
जहांगीरपुर-(कृष्णा वत्स)कस्वे में श्री राधा कृष्ण प्रचार मंडल द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन गुरुवार को कथा व्यास आचार्य श्री अतुल कृष्ण जी महाराज ने कहा कि मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं। लेकिन ऐसा होने पर समय रहते सुधार और प्रायश्चित जरूरी है। ऐसा नहीं हुआ तो गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है।आचार्य श्री ने पांडवों के जीवन में होने वाली श्रीकृष्ण की कृपा को बड़े ही सुंदर ढंग से दर्शाया। कहा कि परीक्षित कलियुग के प्रभाव के कारण ऋषि से श्रापित हो जाते हैं। उसी के पश्चाताप में वह शुकदेव जी के पास जाते हैं। भक्ति एक ऐसा उत्तम निवेश है, जो जीवन में परेशानियों का उत्तम समाधान देती है।
साथ ही जीवन के बाद मोक्ष भी सुनिश्चित करती है।पूज्य महाराज श्री ने कहा कि द्वापर युग में धर्मराज युधिष्ठिर ने सूर्यदेव की उपासना कर अक्षयपात्र की प्राप्ति किया। हमारे पूर्वजों ने सदैव पृथ्वी का पूजन व रक्षण किया। इसके बदले प्रकृति ने मानव का रक्षण किया। भागवत के श्रोता के अंदर जिज्ञासा और श्रद्धा होनी चाहिए। परमात्मा दिखाई नहीं देता है वह हर किसी में बसता है।इस अवसर पर कथा के यजमान प्रदीप जी,अरविंद सिंह ,कुलभूषण शर्मा प्रधानाचार्य पब्लिक इंटर कालेज,संजीव शर्मा, आगामी चैयरमैन प्रत्याशी कुवरसैन शर्मा ,अशोक वर्मा ,देवेन्द्र मुनीमजी अमित मंगला,योगेश अमीन, मुरली शर्मा, हिमांशु कौशिक मंडल संयोजक भाजयुमो जेवर, आदि मौजूद रहे।
