उ.प्र. रेरा ने परियोजनाओं के विक्रय व प्रचार-प्रसार के विज्ञापनों का मानक दिशा-निर्देश जारी किया
• प्रदेश सरकार से जारी शासनादेश के अनुसार मानकों का पालन प्रोमोटर व एजेंट सहित मीडिया हाउस से कराया जाएगा।
• किसी भी प्रकार के प्रोमोशन, मार्केटिंग तथा विक्रय हेतु विज्ञापन सामग्री में परियोजना का पंजीयन सँख्या तथा पोर्टल का प्रमुखता से उल्लेख होना अनिवार्य।
लखनऊ/ गौतम बुद्ध नगर: रियल एस्टेट परियोजनाओं के विज्ञापन के संदर्भ में उत्तर प्रदेश सरकार से प्राप्त शासनादेश के अनुसार उ.प्र. रेरा ने विज्ञापन के लिए उपलब्ध सभी प्रकार के मंचों पर विज्ञापन सम्बधी मानक दिशा निर्देशों का पालन करने को है। समाचार पत्रों, मैगजीन, ब्रोशर, लीफलेट्स, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया तथा डिजिटल मीडिया एवं आउट्डोर पब्लिसिटी के मंचों पर पंजीकृत रियल एस्टेट परियोजना के विज्ञापन के लिए उ.प्र. रेरा पोर्टल तथा परियोजना का रेरा पंजीयन सँख्या का प्रमुखता से उल्लेख होना चाहिए और यह एक अनिवार्य प्राविधान है।
प्रिन्ट विज्ञापन (समाचार पत्र, ब्रोशर, लीफलेट सहित अन्य), सोशल (ट्विटर, फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, आदि) और डिजिटल (ईमेल, वेबसाईट, प्रॉपर्टी पोर्टल आदि) मीडिया के विज्ञापनों में पोर्टल और पंजीयन सँख्या आसानी से पढ़ी जानी वाली होनी चाहिए जबकि रेडियो और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में यह दोनों सुनने योग्य ध्वनि में पर्याप्त गति के साथ उद्घोषित किया जाना चाहिए। आउट्डोर होर्डिंग, पोल और स्ट्रीट बैनर जैसे विज्ञापन में दोनों बड़े अक्षरों में दूर से दिखने लायक और स्पष्ट रूप से पठनीय होनी चाहिए। इस संबन्ध में समस्त समाचार घरानों/ मीडिया हाउसेज को भी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने हेतु कहा गया है।
उ.प्र. रेरा द्वारा विभिन्न ऑनलाइन तथा ऑफलाइन प्रोमोशनल तथा विज्ञापन माध्यमों के अनुश्रवन के उपरान्त यह पाया गया कि प्रोमोटर्स, रियल एस्टेट एजेंटस तथा जनसम्पर्क माध्यम एवं विज्ञापन संस्थाओं द्वारा प्रदेश में रियल एस्टेट परियोजनाओं के संबन्ध में रेरा अधिनियम में निहित अनिवार्य प्राविधानों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। कई विज्ञापनों में पोर्टल और पंजीयन सँख्या डिसक्लेमर के रूप में तथा अपठनीय आकार में और गैर-प्रमुख स्थानों पर उल्लेखित की जाती है। जबकि इस संबन्ध में मीडिया के विभिन्न माध्यमों द्वारा निरन्तर जागरूकता फैलाने का कार्य किया जा रहा है, उल्लंघन करने वाले प्रोमोटर्स को कारण बताओ नोटिस भी प्रेषित किया जा रहा है और अर्थदण्ड भी आरोपित किया जा रहा है।
रेरा अधिनियम 2016 के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु प्रोमोटर्स तथा रियल एस्टेट एजेंटस द्वारा रियल एस्टेट परियोजनाओं के अन्तर्गत विपणन तथा विक्रय के लिए विज्ञापन तथा विवरण पुस्तिक की सत्यता को सुनिश्चित किया जाना रेरा अधिनियम की आधारभूत प्राविधानों में से एक है। रेरा अधिनियम की धारा- 3, 7, 10, 11, 12, 59, 60 एवं 65 में रियल एस्टेट परियोजनाओं के प्रोमोशन, मार्केटिंग, तथा विक्रय हेतु विज्ञापनों एवं प्रचार-प्रसार से सम्बन्धित महत्वपूर्ण प्राविधान दिए गए है जिन्हे ध्यान में रखकर विज्ञापन संबंधी कार्य सम्पन्न होने चाहिए।
उ.प्र. रेरा अध्यक्ष श्री संजय भूसरेड्डी के अनुसार, “रियल एस्टेट परियोजनाओं के विज्ञापन में रेरा पोर्टल तथा रेरा पंजीयन सँख्या प्रमुखता और साफ व बड़े अक्षरों में उल्लेखित होनी चाहिए। इसकी जिम्मेदारी प्रोमोटर तथा एजेंट के साथ-साथ मीडिया हाउस की भी है। उल्लंघन करने पर रेरा अधिनियम के अंतर्गत प्रोमोटर तथा एजेंट पर कार्यवाही होगी तथा मीडिया हाउस के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार तथा समाचार नियमक्क संस्थाओं को यथचित कार्यवाही हेतु संदर्भित किया जाएगा।”