एपीजे इंटरनेशनल स्कूल में मनाई गई महात्मा गांधी की 153 वीं जयंती, हुआ धार्मिक और सामाजिक आयोजन
एपीजे इंटरनेशनल स्कूल , ग्रेटर नोएडा ने 2 अक्टूबर 2023 को महात्मा गांधी की 153 वीं जयंती के अवसर पर एक धार्मिक और सामाजिक समारोह का आयोजन किया। इस समारोह का मुख्य उद्देश्य महात्मा गांधी के महान जीवन और उनके सांदर्भिक संदेशों को याद करना और उनके आदर्शों का समर्थन करना था। विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ सरिता पांडे ने स्वच्छता अभियान पर प्रतिज्ञा भी दिलाई। इसी प्रतिज्ञा को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों ने इस खास दिन के रूप में स्वच्छता अभियान का आयोजन किया और कक्षा एक से पांचवी तक के विद्यार्थियों ने विद्यालय के परिसर को साफ-सुथरा बनाया तथा कक्षा छठी से बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने जगत फॉर्म में जाकर सफाई अभियान चलाया इसके साथ – साथ प्रभात फेरी में लोगों को सन्देश दिया कि,
‘क्लीन इंडिया , ग्रीन इंडिया’ ,
‘अब हर भारतीयों ने मन में यही ठाना है,
पूरे भारत को स्वच्छ बनाना है।। ‘
विद्यालय परिसर में कार्यक्रम का आरम्भ प्रधानाचार्या जी एवं विद्यार्थी संघ के विद्यार्थियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। गांधी जी एवं शास्त्री जी की जयंती के मौके पर कक्षा नवीं के छात्र पुराहन चाक़ू ने एक कविता प्रस्तुत की। इस समारोह में कक्षा केजी के ईवान ने महात्मा गांधी बनकर चरखा चलाया तथा रघुपति राघवराजा राम भजन सुनाकर बड़ी सुंदर प्रस्तुति दी। उनके संदेशों को भी सुनाया। कक्षा दो के अक्षत मोहन ने शास्त्री जी बनकर ‘जय जवान , जय किसान’ का नारा दिया। कक्षा एक की रीतिक्षा मौर्या ने स्वच्छता अभियान पर एक कविता प्रस्तुत की। विद्यार्थियों के लिए ‘स्वच्छता ही सेवा है’ पर निबंध प्रतियोगिता एवं पोस्टर प्रतियोगिताए आयोजित भी की गईं। विद्यालय के अध्यापक श्रीमान विनय ने गांधी एवं शास्त्री जयंती पर शुभकामनाएं देते हुए अपने विचार प्रस्तुत किए। छात्र संघ के नेता कुँवर कुणाल ने भी स्वच्छता पर अपने विचार रखे।
सभा के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ सरिता पांडे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि गाँधी जी के महान आदर्शों ने हमें सच्ची स्वतंत्रता और अहिंसा के मार्ग पर चलने की मिसाल प्रस्तुत की है। हम आज महात्मा गांधी की 153 वीं जयंती मना रहे हैं और आज इस अवसर पर हमें उनके विचारों को याद करना और उनके आदर्शों का अनुसरण करने का समय है।
उन्होंने एक ऐसे युग के दौरान जीवन जीया जब भारत अंग्रेजी साम्राज्य के अधीन था और लोगों के मानसिकता में विदेशी शासन के खिलाफ उत्कृष्ट संविदानिक संघर्ष की आवश्यकता थी। गांधी जी ने अपने जीवन में सत्याग्रह, अहिंसा, और सर्वोदय के मूल नीतियों का पालन किया। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और भारतीय जनता को स्वतंत्रता के लिए एकजुट किया। महात्मा गांधी के विचारों में सच्ची स्वतंत्रता का मतलब सिर्फ विदेशी शासन से रहित होने का नहीं था, बल्कि यह एक ऐसी समाज में जीने का मतलब था जिसमें सभी वर्गों और जातियों के लोगों को बराबरी और न्याय मिलता। वे आपसी सद्भावना और एकता की महत्वपूर्ण भाषणकार और सूचना देने वाले थे और अब आप सभी की बारी है उनके आदर्शों पर चलकर देश में बदलाव लाने की।
