किशोर न्याय बोर्ड के बच्चों के लिए शारदा स्कूल ऑफ लॉ की अनोखी पहल
शारदा यूनिवर्सिटी, स्कूल ऑफ़ लॉ ने जिला प्रोबेशन ऑफिसर के साथ MOU किया जिस में शारदा यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ़ लॉ द्वारा किशोर न्याय बोर्ड में बंद किशोर अवस्था के बच्चों को कैरियर परामर्श और अपने अधिकारो को समझाने का काम किया जा रहा है।
आप को बता दे की इसी मौक़े पर डीन स्कूल ऑफ लॉ, प्रोफेसर कोमल विग ने बताया की ये आयाम हमारे प्रोफेसर और बच्चों द्वारा संचालित किया जा रहा है और हमारा प्रयास रहेगा की जादा से जादा हम अपने देश के युवा पीढ़ी को अपराध के जंगल में जाने से बचा सके और उन्हें एक बेहतर जीवन जीने के लिए प्रेरित कर जाए।
इस में डॉ. वैशाली अरोड़ा और अधिवक्ता अनुराग त्यागी लगातार बच्चों के बीच जा कर उने परामर्श दे रहे है।
इस आयाम की संचालक डॉ॰ वैशाली अरोरा ने बताया की अध्यापक और एक ज़िम्मेदार नागरिक होने के नाते हमारा कर्तव्य बनता है कि युवा पीढ़ी को सही दिशा दिखाई जाए क्योंकि बच्चे अभी नाबालिक है और भटके हुए है, इन्हें अपने सही-ग़लत का ज्ञान नहीं है और सही तालीम दी जाए एवं अपने मोलिक अधिकारो और क़ानून के बारे में जागरूक किया जाये तो ये अपराध नहीं करेंगे और यहाँ आने से बच सकेंगे।
अधिवक्ता अनुराग त्यागी ने बताया की अधिवक्ता और एक ज़िम्मेदार नागरिक होने के नाते हमारा कर्तव्य बनता है की समाज की युवा पीढ़ी किसी ग़लत रहा पर ना जाए और यहाँ बंद किशोर अवस्था के बच्चे किसी ना किसी मजबूरी का सीकर है और हमारा कर्तव्य बनता है की सही रहा दिखाई जाए और जल्दी में ही एक बच्चे को बल्कि होने पर रिहा किया गया तो हमने उस बच्चे को मेरठ की एक ट्रैक्टर कंपनी में रोजगार दिलवा दिया है और अब वह अपनी ज़िंदगी अच्छे से जी रहा है।
