19 वर्षों बाद बन रहा है दुर्लभ संयोग : पंडित सागर शास्त्री ; जानिए कितने दिन का होगा श्रावण मास, कितने सोमवार होंगे

19 वर्षों बाद बन रहा है दुर्लभ संयोग, 5 महीने का चातुर्मास, 8 श्रावण का सोमवार और 13 महीनों का होगा नए साल 2023 में 19 साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है कि इस बार दो माह श्रावण और पांच माह चातुर्मास पड़ रहे हैं।

हिन्दू विक्रम संवत कैलेंडर के हिसाब से नव वर्ष में प्रवेश करेंगे। इस बार विक्रम संवत 2080 का साल बारह महीनों के बजाय 13 महीनों का रहेगा। चूंकि साल 2023 में अधिक मास आ रहा है। इसे पुरुषोत्तम मास (अधिक मास, खरमास और मलमास) भी कहते हैं।

इस साल हिंदू कैलेंडर में 13 महीने और श्रावण 60 दिन का होगा। 19 साल बाद बन रहा है ऐसा दुर्लभ संयोग तो 5 महीने में दो श्रावण मास, चातुर्मास होंगे। इस वर्ष 2023 में व्रत व पर्व मास अधिक होने के कारण विलंब से आएंगे। ऐसा दुर्लभ संयोग 2004 में बना था। अधिक मास होने के कारण व्रत-त्योहारों की तिथि में भी परिवर्तन होगा।

60 दिन का होगा श्रावण मास, 8 सोमवार होंगे
अंग्रेजी कलैण्डर वर्ष 2023 भारतीय कलैण्डर के अनुसार विक्रम संवत 2080 होगा। अंग्रेजी कैलेंडर के आधार पर देखा जाए तो श्रावण मास 60 दिनों का होता है। ऐसा संयोग 19 साल बाद बना है, जब श्रावण मास 60 दिन का होता है। इस बार 08 श्रावण सोमवार का व्रत रखा जाएगा, जो भगवान शिव की पूजा के लिए शुभ है। दरअसल हर तीन साल में एक अतिरिक्त महीना आता है जिसे अधिकमास या मलमास के नाम से जाना जाता है। इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। 18 जुलाई से 16 अगस्त तक मलमास रहेगा।

05 माह का होगा चातुर्मास

इस वर्ष 2023 में चातुर्मास 5 माह का होगा क्योंकि श्रावण मास में ही अधिक यानी पुरुषोत्तम मास जुड़ रहा है। पांच माह तक भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहेंगे, जिससे पांच माह तक कोई भी शुभ कार्य जैसे विवाह, मुंडन, गृहप्रवेश आदि नहीं होंगे।

18 जुलाई 2023 से लगेगा सावन का महीना
पंचांग के अनुसार श्रावण मास का कृष्ण पक्ष 04 जुलाई से 17 जुलाई तक है। उसके बाद 18 जुलाई से और आयोजन होंगे। 16 अगस्त को अधिक मास होगा, जिस दिन अधिक मास समाप्त होगा। इसके बाद श्रावण मास का शुक्ल पक्ष शुरू हो जाएगा, जो 30 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के साथ समाप्त होगा।

पंचांग के आधार पर देखा जाए तो प्रत्येक तीसरे वर्ष एक अतिरिक्त मास आता है, जिसे अधिक कहते हैं। एक सौर वर्ष 365 दिन और 6 घंटे का होता है, जबकि चंद्र वर्ष 354 दिनों का होता है। दोनों वर्षों के बीच 11 दिनों का अंतर होता है जो हर तीन वर्ष में लगभग एक मास के बराबर होता है। इस प्रकार सौर वर्ष और चंद्र वर्ष के बीच के अंतर को पाटने के लिए हर तीसरे वर्ष एक चंद्र मास बढ़ जाता है। इस बढ़े हुए मास को मलमास (अधिक मास) कहते हैं। इसी तरह रक्षाबंधन का पर्व अगस्त के शुरू में पड़ता है, लेकिन अधिकता के कारण इस साल रक्षाबंधन अगस्त के आखिरी सप्ताह में है। इस साल रक्षाबंधन 30 अगस्त को है जबकि साल 2022 में रक्षाबंधन 11 अगस्त को था।

13 महीने का होगा हिंदू वर्ष
इस साल हिंदू साल 12 महीने नहीं, बल्कि 13 महीने का होगा क्योंकि 12 महीनों में एक अतिरिक्त महीना जुड़ जाएगा। इस प्रकार यह वर्ष कुल मिलाकर 13 माह का होगा।

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