उत्तर प्रदेश का पहला मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क दो साल में बनकर होगा तैयार, यमुना प्राधिकरण ने डीपीआर करवाया तैयार
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेस वे के किनारे प्रदेश का पहला मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क दो वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगा। टप्पल के पास पीपीपी मॉडल की यह परियोजना 200 हेक्टेयर में मूर्त रूप लेगी । इसके विकासकर्ता कंपनी के चयन के लिए सोमवार को टेंडर निकाले जाएंगे । यह परियोजना 3500 करोड़ रुपए की होगी । इसमें आवासीय, संस्थागत और व्यवसायिक भू उपयोग भी हो सकेगा।
यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने टप्पल अर्बन सेंटर में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क बनाने के लिए डीपी आर विशेषज्ञ कंपनी डिलाइट से तैयार करवाई थी ।
इस डीपीआर के आधार पर रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल ( आरएफपी) और अनुबंध पत्र तैयार कराए गए। 25 जनवरी को लखनऊ में हुई बैठक में पीपीपी बिड वैल्यूएशन कमेटी ने आरएफपी और अनुबंध पत्र पर अपनी मुहर लगा दी। अब सोमवार को यमुना प्राधिकरण टेंडर निकाल देगा। टेंडर के आधार पर विकासकर्ता कंपनी का चयन किया जाएगा । मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क परियोजना 950 हेक्टेयर में पूरी होगी । तीन चरणों में बनने वाली इस परियोजना का पहला चरण 200 हेक्टेयर में मूर्त रूप लेगा। इस परियोजना पर 3500 करोड़ रुपए खर्च होंगे । 200 हेक्टेयर में से 0 हेक्टेयर व्यावसायिक, 2 हेक्टेयर में संस्थागत और 24 हेक्टेयर आवासीय भू उपयोग होगा। पहले चरण में प्राधिकरण के पास 200 एकड़ जमीन पहले से मौजूद है। बाकी जमीन खरीदी जाएगी। दूसरा और तीसरा चरण 750 हेक्टेयर में पूरा होगा। नियमों केमुताबिक, चयनित विकासकर्ता कंपनी को 45 साल का लाइसेंस लिया जाएगा। इसमें प्राधिकरण को हर साल १0 करोड़ रुपए लाइसेंस फीस मिलेगी । इसके अलावा लाभ में हिस्सेदारी रहेगी। लाभ की हिस्सेदारी बोली के आधार पर तय की जाएगी। कंपनी को सालाना होने वाले लाभ में १0.5 प्रतिशत की हिस्सेदारी से बोली शुरू होगी। जो कंपनी अधिकतम बोली ‘लगाएगी, उसे ही इस परियोजना को विकसित करने का मौका दिया जाएगा।
