गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र (2022-23) का आगाज
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में नए शैक्षणिक सत्र (2022-23) का आगाज हुआ। इस संदर्भ में कुलपति प्रो रविन्द्र कुमार सिन्हा के दिशानिर्देशों पर और अधिष्ठाता शैक्षिक प्रो एन. पी. मलकानिया के नेतृत्व में आयोजन किया गया।
कुलपति ने अपने उदबोधन की शुरुआत में छात्रों के साथ विश्वविद्यालय का एक संक्षिप्त परिचय से की। छात्रों से उन्होंने ने कहा कि अकादमिक सेशन व सभ्याचारक गतिविधियों पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों की ज़ोर होगा ताकि आप सभी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें और साथ में विश्वविद्यालय में मेरिट प्राप्त करने के साथ-साथ सभी बच्चे बढि़यां अंक भी हासिल करें। विश्वविद्यालय आप सबों से सिर्फ़ यह चाहता है कि आपने जिस उद्देश्य से जीबीयू में नामांकन लिया है उस उद्देश्य को पूरा करने में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण आप की हर ज़रूरत को पूरा करने के लिए तत्पर हैं। जीबीयू में अध्ययन के दौरान आप अपने आस पास होने वाली शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलावों का समझने का प्रयास करें और अपने शिक्षकों एवं सहपाठियों से उनकी अच्छी बातें को शिक्षण ही नहीं बल्कि उन्हें आत्मसात् करें ताकि आप अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल हों।
श्री गोपीकृष्ण बाली, पेशे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं और साथ ही एक सर्टिफ़ाइड ‘मास्टर ट्रेनर’, यूथ मेंटर, हैप्पीनेस कोच और लीड ट्रेनर हैं। गोपी कृष्ण बाली जी ने अपने उद्बोधन में छात्र-छात्राओं को ‘अपनी वास्तविक क्षमता प्राप्त करना’ (100xLife + 100xWork के लिए) विषय पर अपने विचार साझा किया और इन्हें कई प्रकार के विकल्पों से और अपने अनुभव के आधार पर हासिल करने के तरीक़े बता के जीवन में आने वाली अड़चन से लड़ने और जीतने के तरीक़ों पे बात की।
इस कार्यक्रम के दूसरे वक्ता श्री निखिल यादव, जो राष्ट्रीय योग संघ के दिल्ली चैप्टर एवं युवाओं के युवा इंडिया कार्यक्रम से संबद्ध हैं, ने छात्रों को संबोधित किया। युवाओं को राष्ट्रहित में अपनी अपना योगदान देने को कहा क्योंकि आज के युवा ही भविष्य के पाथ प्रदर्शक हैं।
तत्पश्चात् इंचार्ज छात्र कल्याण ने छात्रों को विश्वविद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं और अन्य गतिविधियों के साथ छात्र समस्याओं के निवारण हेतु विभिन्न समितियों से रूबरू करवाया। डॉ ओम प्रकाश, अध्यक्ष सांस्कृति समिति ने विभिन्न क्लबों एवं उससे संबंधित समन्वयकों से छात्रों का परिचित कराया। इस के बाद, छात्रों के मनोरंजन हेतु कुछ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन वरिष्ठ छात्र – छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किया गया। नवप्रवेषित छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम का आनंद लिया।
