फीस नियामक अधिनियम के तहत ही बच्चों से ली जाती है फीस: फादर एल्विन पिन्टो, प्रधानाचार्य सेन्ट जोसेफ स्कूल
हर वर्ष जिलाविद्यालय निरीक्षक को फीस की दी जाती है जानकारी
वर्ष 2018 के बात नहीं बढ़ाई गयी फीस, कोविड काल में अभिभावकों को दिया गया राहत
ग्रेटर नोएडा जिला शुल्क नियामक समिति से मिले पत्र पर सेन्ट जोसेफ स्कूल के प्रधानाचार्य फादर एल्विन पिन्टो ने कहा कि स्कूल के बच्चों से जो भी फीस ली जा रही है, उसकी सूची हर वर्ष जिला विद्यालय निरीक्षक के पास भेजी जाती है, जिस पर जिला विद्यालय निरीक्षक की संस्तुति होती है। अगर विद्यालय की तरफ से फीस अधिक ली जा रही है तो उसी दौरान बताया जाता, जो भी संस्तुति की जाती उसके लिए विद्यालय प्रशासन पालन करता। अब जिला शुल्क नियामक समिति के सचिव, जिला विद्यालय निरीक्षक की तरफ से संस्तुति दी गयी थी उसी पर सवाल उठाया जा रहा है। फीस के मामले में हमारा स्कूल ग्रेटर नोएडा में दसवें स्थान पर है। प्रधानाचार्य ने बताया कि फीस शुल्क नियमावली बनने व सन-2018 के बाद फीस को कम किया गया है,उसके बाद कोई फीस नहीं बढ़ायी गयी है। वहीं सम्पूर्ण समाधान दिवस पर एक अभिभावक ने स्कूल के सभी अभिभावकों की तरफ शिकायत किया है कि ग्यारहवीं के विद्यार्थियों से स्कूल बंद होने पर भी परीक्षा शुल्क लिया गया। स्कूल के प्रधानाचार्य ने बताया कि कोविड के दौरान ऑनलाइन कक्षाएं चल रही थी तो उस दौरान किसी बच्चे से परीक्षा शुल्क नहीं लिया गया, बल्कि सभी बच्चों को स्कूल की तरफ से किट दिया गया। वहीं विद्याय में पहुंचने वाले अभिभावकों ने लिखित रुप से विद्यालय को दिया है कि उनको फीस को लेकर कोई परेशानी नहीं है, कोई व्यक्ति है जो अभिभावकों को भ्रमित कर रहा है। किसी भी अभिभावक को परीक्षा शुल्क को लेकर कोई परेशानी नहीं है। स्कूल के प्रधानाचार्य ने बताया कि हमारा विद्यालय पूरी तरह से नियमों को मानता है, शासन से जो भी निर्देश मिलता है उसी के तहत काम किया जाता रहा है। पहले नोटिस दिया गया था उसका जवाब दिया जा चुका है। शासन-प्रशासन से जो निर्देश मिलेगा उसको पालन किया जाएगा।
