सुपरटेक टावर के ध्वस्त होने के बाद बढ़ेंगी स्वास्थ्य चुनौतियां, बता रहे हैं डॉ डी. के. गुप्ता

नोएडा । सुपरटेक के ट्विन टावर यानी एपेक्स और सियान टावर के ध्वस्त होते ही धूल का गुबार उठेगा। इससे वायु प्रदूषण पांच गुना तक बढ़ सकता हैं। इसके कारण अगले 7 से 90 दिनों तक लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

बीती घटना से ले सकते है सीख

केरल के कोच्चि और मराडु में जनवरी 2020 में चार टावर होली फेथ एच 20, अल्फा सिरीन, जैन कोरल कोव व गोल्डन कायलओरम के ध्वस्तीकरण के बाद आसपास के लोगों को महीनों तक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हुई थीं। इसमें सिरदर्द, अस्थमा, अटैक, जुकाम, कफ और एलर्जी के कारण लोग कई सप्ताह तक परेशान रहे थे।

चारों टावर गिरने से 75 हजार टन का मलबा निकला था। इसे हटाने के लिए 70 दिनों से अधिक का समय लगा था। टावर ध्वस्तीकरण के बाद वातावरण में वायु प्रदूषण पांच गुना तक बढ़ गया था। इसके कारण आसपास के लोगों का स्वास्थ्य खराब हो रहा था।

इस दौरान प्रशासन को स्वास्थ्य शिविर लगाना पड़ा था। टावर ध्वस्तीकरण के बाद आसपास के घर, पेड़, दीवार, पार्क सहित खाली जगह पर धूल जम गई थी। हल्की हवा चलने पर भी लोगों के घरों में धूल घुस जाती थी।

फेलिक्स अस्पताल के चेयरमैन डॉ डी. के. गुप्ता का कहना है कि टावर ध्वस्तीकरण प्रक्रिया के दौरान 10 से 15 किलोमीटर के एरिया में ध्वनि प्रदुषण एवं वायु प्रदूषण के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन टावर ध्वस्त होते ही यह परेशानी एक दम से बढ़ जाएगी।

एपेक्स व सियान से निकलेगा ढाई लाख टन मलबा

ध्वस्तीकरण के बाद एपेक्स व सियान टॉवर से ढाई लाख टन मलबा निकलने का अनुमान है। ध्वस्तीकरण से धूल का गुबार करीब डेढ़ सौ मीटर की ऊंचाई में उठने की संभावना है। इसको नियंत्रित करने के लिए आटोमैटिक वाटर स्प्रिंकलर के साथ वाटर टेंडर मौजूद रहेगा। जबकि धूल का गुबार ध्वस्तीकरण के बाद एपेक्स व सियान टावर से ढाई लाख टन मलबा निकलने का कितनी दूरी तक जाएगा, यह हवा की रफ़्तार पर निर्भर करेगा।

एमराल्ड कोर्ट सोसायटी व एटीएस विलेज सोसायटी इससे सबसे अधिक प्रभावित रहेंगी। इसके कारण सांस संबंधी बीमारियों से ग्रसित लोगों को विशेष एहतियात बरतने की जरुरत है।

बरतें एहतियात मानें, डाक्टर की सलाह

धूल के कणों और अचानक बड़े वायु प्रदुषण से लोगों को निम्न बीमारियां हो सकती है।

■ सिर दर्द

■ आँखों में दिक्कत (जलन होना, लाल हो जाना, खुजली होने की समस्या)

■ क्रानिक ब्रोंकाइटिस

■ स्किन रेशेस

■ नाक बहना गले में दिक्कत

■ कफ की समस्या

■ अस्थमा के अटेक

■ ब्लड प्रेशर बढ़ जाना

■ मानसिक तनाव

■ प्रग्नेंट महिलाओं को जल्दी लेवेर पेन, प्रीमैच्योर डिलीवरी

■ एलर्जिक सायनुसाइटिस जैसे रोग हो सकते हैं

कैसे कर सकते है बचाव

■ मास्क पहनें

■ कुछ समय के लिए आस पास के एरिया से दूर रहे

■ घरों में एयर पीयूरिफायर का प्रयोग करें

बाहर जाने से परहेज करें

■ नियमित रूप दवा ले (जो किसी भी रोग के लिए दवा खा रहे हैं )

■ स्किन मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करे

■ आँखों की सुरक्षा के लिए चश्मे का प्रयोग करें

■ स्किन या आँखों में जलन होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें

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